UPSC में अहम बदलाव: IAS-IFS नियुक्तियों के लिए नई सीमाएं और IPS नियमों में परिवर्तन

एफएनएन, नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने इस साल 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है उसमें तमाम कड़े नियम लगाए गए हैं. जानकारी के मुताबिक अब कार्यरत आईएएस (IAS) और आईएफएस (IFS) अधिकारी एग्जाम नहीं दे सकेंगे. वहीं, आईपीएस (IPS) अधिकारी भी दोबारा उसी […] The post UPSC नियमों में बड़ा बदलाव: IAS-IFS के लिए लिमिट तय, IPS के नियम भी बदले appeared first on Front News Network.

UPSC में अहम बदलाव: IAS-IFS नियुक्तियों के लिए नई सीमाएं और IPS नियमों में परिवर्तन

UPSC में अहम बदलाव: IAS-IFS नियुक्तियों के लिए नई सीमाएं और IPS नियमों में परिवर्तन

मनीषा शर्मा, नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 2026 के लिए अपने द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में कई महत्वपूर्ण और कठोर नियमों की घोषणा की है। इन नियमों के अनुसार, अब कार्यरत आईएएस (IAS) और आईएफएस (IFS) अधिकारी इस परीक्षा में भाग लेने के योग्य नहीं रहेंगे। इसके साथ ही, आईपीएस (IPS) अधिकारियों के लिए भी स्थिति में बदलाव किया गया है, जिसके तहत वे पहले से चयनित होने के बाद दोबारा उसी पद के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।

बता दें कि UPSC ने बुधवार, 4 फरवरी को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें सेवा आवंटन और डिजिटल सुरक्षा правилаों में भी बदलाव शामिल है, जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बदलावों पर डालें एक नजर

  1. यदि किसी अभ्यर्थी का चयन पहले से आईपीएस के पद के लिए हो चुका है, तो वह सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE) के माध्यम से दोबारा आईपीएस के विकल्प को नहीं चुन सकता।
  2. यदि कोई आईएएस और आईएफएस अधिकारी नौकरी में हैं, तो वे अब इस परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसका अर्थ है कि अगर किसी कैंडीडेट की नियुक्ति मुख्य परीक्षा से पहले इन पदों पर हो जाती है, तो वे मुख्य परीक्षा में भाग नहीं ले सकेंगे।
  3. जो उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE 2026) या उससे पहले सेवा में हैं, उन्हें अपने बचे हुए प्रयासों का उपयोग करने के लिए अंतिम मौका दिया गया है, जिसे वे इस साल 2026 या अगले साल 2027 में ले सकते हैं बिना पद से त्याग पत्र दिए।

इन नए नियमों के अंतर्गत, UPSC ने परीक्षा में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने का प्रयास किया है। यह निर्णय न केवल भारतीय प्रशासन सेवा के अधिकारियों के लिए, बल्कि सभी अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आगामी परीक्षाओं में उनकी योग्यताओं और अवसरों को प्रभावित करेगा।

कम शब्दों में कहें तो, UPSC के नए नियमों ने IAS, IFS, और IPS अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण बाधाएं उत्पन्न कर दी हैं, जिससे उनके लिए भविष्य में अनुसरण करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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