चंपावत: सेना में भर्ती के नाम पर लाखों की ठगी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

एफएनएन, चंपावत : Champawat उत्तराखंड के चंपावत जिले में भारतीय सेना और मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। आर्मी इंटेलिजेंस से मिली सूचना के बाद बनबसा पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) […]

चंपावत: सेना में भर्ती के नाम पर लाखों की ठगी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

चंपावत में सेना भर्ती के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के चंपावत जिले में बेरोजगार युवाओं से सेना और मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस की मदद से बनबसा पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने कार्रवाई की और गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

धोखाधड़ी का मडर

पुलिस कर्मियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, MES के फर्जी स्टांप, विभिन्न कूट रचित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद किया गया है।

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

यह मामला तब शुरू हुआ जब 28 सितंबर को चंपावत के टनकपुर निवासी गुरु शरण सिंह ने थाना बनबसा में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (IPC) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों धीरज सक्सेना और गणेश बहादुर ने उनसे नौकरी दिलाने के बहाने पहले 5 हजार रुपये और फिर 1.40 लाख रुपये UPI के जरिए लिए थे।

आरोपी का बुलावा और फिर धोखाधड़ी

पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर को धीरज सक्सेना ने नौकरी का नियुक्ति पत्र देने और बायोमेट्रिक क्रियाएं कराने के लिए पीड़ित को बनबसा के कमल पथ आर्मी क्षेत्र के पास बुलाया। जब पीड़ित वहां पहुंचा, तो उसे अन्य कई लोग भी मिले जिन्होंने आरोपियों पर इसी प्रकार की ठगी करने का आरोप लगाया।

आरोपियों का फरार होना और गिरफ्तारी

युवाओं को ठगने के बाद धीरज सक्सेना और गणेश बहादुर मौके से स्कूटी पर भाग निकले। इसके तुरंत बाद, चंपावत की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के नेतृत्व में और क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल की देखरेख में बनबसा थाना पुलिस के द्वारा एक विशेष टीम बनाई गई।

टीम ने रात के समय धीरज सक्सेना को स्कूटी संख्या UK 07 AC 3133 के साथ गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 35 लोगों का जॉइनिंग लेटर, फर्जी स्टांप, कूट रचित दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया गया।

गणेश बहादुर को भी गिरफ्तार किया गया है, उसके पास से 11 व्यक्तियों के फाइलों में नियुक्ति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज एवं मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम और जानकारी

  1. धीरज सक्सेना, पुत्र सुभाष चंद्र सक्सेना, ग्राम भजनपुर, थाना बनबसा, चंपावत।
  2. गणेश बहादुर, पुत्र लाल बहादुर, ग्वाल गांव, थाना धारचूला, पिथौरागढ़।

चौंकाने वाले साक्ष्य

पुलिस ने यह भी बताया कि धीरज सक्सेना के मोबाइल फ़ोन में लाखों रुपये के लेन-देन की विस्तृत जानकारी मिली है। प्रारंभिक जांच में ऐसी कई और शिकायतों का भी पता चला है, जिसमें लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा गया था।

पुलिस अब इस पूरे मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और उनके द्वारा ठगने की रकम की पुष्टि भी कर रही है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि आगे की जांच से इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

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— टीम धर्म युद्ध, दीक्षा देवी