दीपावली का पर्व: कब है दिवाली, नरक चतुर्दशी, गोवर्धन पूजा और भाई दूज? जानें पूरा कैलेंडर
Dharm Desk – दिवाली आते ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और खरीदारी की तैयारियां शुरू हो जाती है । पाच
दीपावली का पर्व: कब है दिवाली, नरक चतुर्दशी, गोवर्धन पूजा और भाई दूज?
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कम शब्दों में कहें तो, दीपावली का पर्व एक बार फिर हमारे दरवाजे पर है। इस बार, दीवाली के साथ जुड़ी कई महत्वपूर्ण तिथियों को लेकर घरों में तैयारी जोरों पर है। इस लेख में हम आपको दीपावली कैलेंडर के सभी महत्वपूर्ण दिन जैसे धनतेरस, नरक चतुर्दशी, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की जानकारी देंगे।
धनतेरस: दीवाली का पहला दिन
धनतेरस, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है, दीपावली पर्व का पहला दिन है। इस दिन को खासतौर पर खरीदारी का दिन माना जाता है। लोग इस दिन सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदते हैं। इस बार धनतेरस का पर्व 5 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। यह दिन देवी लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नरक चतुर्दशी: घर की सफाई और तैयारी
इसके बाद आता है नरक चतुर्दशी, जिसे रूप चौदस भी कहते हैं। यह दिन 6 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। इस दिन की विशेषता है कि लोग इस दिन अपने घर की सफाई करते हैं तथा नए कपड़े पहनकर स्नान करते हैं। यह दिन बुराईयों से मुक्ति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए महत्वपूर्ण है। लोग इस दिन अपने दीयों की भी विशेष सजावट करते हैं।
दीपावली: लक्ष्मी पूजा का दिन
दीपावली का मुख्य पर्व 7 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। इस दिन रात के समय देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घरों में दीप जलाए जाते हैं और मिठाइयां बांटी जाती हैं। यह दिन समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। लोग इस दिन अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर त्योहार की खुशियों को मनाते हैं।
गोवर्धन पूजा: भगवान कृष्ण की भक्ति
इसके बाद गोवर्धन पूजा का आयोजन 8 नवंबर 2023 को किया जाएगा। इस दिन भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। लोग इस दिन गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाते हैं और भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन होते हैं। यह दिन भी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
भाई दूज: भाई-बहन का प्रेम
भाई दूज, भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। यह पर्व 9 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई के लंबी उम्र की कामना करती हैं और उन्हें तिलक कर sweets भेंट देती हैं। यह दिन भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
उपसंहार
दिवाली के पावन पर्व पर सभी को अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। स्नान, साफ-सफाई, सजावट और खरीदारी के साथ-साथ नए कपड़े और मिठाइयों की तैयारी भी जारी रखनी चाहिए। इस बार दीपावली अपने साथ खुशियों और समृद्धि का संचार लेकर आए। उम्मीद करते हैं कि आप सभी दिवाली का पर्व धूमधाम से मनाएंगे और अपने प्रियजनों के साथ इन खास तिथियों का जश्न मनाएंगे।
कुल मिलाकर, दीपावली का यह पर्व हमें उन मूल्यों की याद दिलाता है जो परिवार, प्रेम और सम्मान को महत्व देते हैं। जैसे-जैसे दिवाली का दिन नजदीक आता है, सभी को इस पर्व के महत्व को समझते हुए इसे मनाना चाहिए।
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धन्यवाद,
टीम धर्म युद्ध - प्रिया शर्मा