नैनीताल में मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा के साथ नंदा देवी महोत्सव का समापन
नैनीताल। मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा के साथ ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन नयना देवी मंदिर से मां की डोली नगर भ्रमण के लिए निकली। हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन और विदाई के लिए उमड़े। ढोल-नगाड़ों की थाप, छोलिया नृत्य और मां के जयकारों से सरोवर नगरी भक्तिमय […]
जयकारों से गूंजी सरोवर नगरी, मां नंदा-सुनंदा की शोभायात्रा के साथ महोत्सव संपन्न
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कम शब्दों में कहें तो, नैनीताल में मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा के साथ ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव का समापन हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
नैनीताल। मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा के साथ ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन नयना देवी मंदिर से मां की डोली नगर भ्रमण के लिए निकली, जिसमें हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन और विदाई के लिए उमड़े। इस महोत्सव के दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप, छोलिया नृत्य और भक्तों के जयकारों से सरोवर नगरी भक्तिमय हो उठी।
शोभायात्रा का मार्ग
नयना देवी मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा माल रोड होते हुए तल्लीताल पहुंची और इसके बाद वापस मल्लीताल की ओर रवाना हुई। यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह मां नंदा-सुनंदा की डोली के दर्शन किए एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
सभी वर्गों की भागीदारी
शोभायात्रा में महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों समेत शहर के विभिन्न वर्गों की बड़ी भागीदारी रही। पारंपरिक वेशभूषा और छोलिया नर्तकों की प्रस्तुतियों ने कुमाऊं की लोक संस्कृति की झलक पेश की। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु भी मां के दर्शन के लिए नैनीताल पहुंचे, जिन्होंने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।
कैलाश के लिए विदा हुईं मां नंदा-सुनंदा
मान्यता के अनुसार, महोत्सव के समापन पर मां नंदा-सुनंदा की डोली को उनके ससुराल कैलाश के लिए विदा किया जाता है। इसी परंपरा के तहत देर शाम मां की डोली का झील में विसर्जन किया गया। विदाई के दौरान श्रद्धालुओं में आस्था के साथ भावुकता भी नजर आई, जिससे यह क्षण और भी अद्भुत बन गया।
समापन की प्रार्थना
श्रद्धालुओं ने मां नंदा-सुनंदा से नैनीताल सहित पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। इसके साथ ही 19 सितंबर से शुरू हुआ नंदा देवी महोत्सव संपन्न हो गया। इस महोत्सव ने सभी को एकत्रित किया और सच्ची आस्था में रंग भर दिया।
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टिप्स: नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव के दौरान आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा की योजना बनाना न भूलें। यह एक अनूठा अनुभव होता है जो हमेशा याद रहता है।
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हमें विश्वास है कि इस महोत्सव की यादें सभी भक्तों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी।
सादर,
टीम धर्म युद्ध, दीप्ति शर्मा