मसूरी में जाम का अंत, अब देहरादून-मसूरी नया हाईवे होगा यातायात का समाधान

मसूरी को जाम से मिलेगी बड़ी राहत देहरादून। पहाड़ों की रानी मसूरी में ट्रैफिक जाम की वर्षों पुरानी समस्या जल्द इतिहास बनने जा रही है। देहरादून से मसूरी के बीच बनने वाले नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मंजूरी दे दी है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के […] The post मसूरी को मिलेगा जाम से छुटकारा, देहरादून-मसूरी नए नेशनल हाईवे को NHAI की मंजूरी appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

मसूरी में जाम का अंत, अब देहरादून-मसूरी नया हाईवे होगा यातायात का समाधान

मसूरी में जाम का अंत, अब देहरादून-मसूरी नया हाईवे होगा यातायात का समाधान

कम शब्दों में कहें तो, मसूरी में ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान जल्द ही हो सकता है, क्योंकि देहरादून से मसूरी के बीच नए राष्ट्रीय हाईवे को NHAI से मंजूरी मिल गई है।

देहरादून

उत्तराखंड की पहाड़ियों की रानी मसूरी को अब लंबे समय से परेशान कर रहे ट्रैफिक जाम की समस्या से जल्द राहत मिलने की संभावना है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देहरादून से मसूरी के बीच बन रहे नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि सर्वे रिपोर्ट पूरी होने के बाद निर्माण कार्य की अगली प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

नई हाईवे परियोजना का महत्व

यदि सबकुछ योजनानुसार चला, तो यह परियोजना मसूरी के ट्रैफिक इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इस नए हाईवे के निर्माण से ऐसी सुरंगों का निर्माण किया जाएगा, जो यात्रा को न केवल तेज करेंगी, बल्कि पहाड़ी इलाकों पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी कम कर देंगी।

42 किलोमीटर लंबे हाईवे की लागत

इस नए राष्ट्रीय हाईवे की लंबाई लगभग 42 किलोमीटर होगी, जिसके निर्माण पर लगभग 3500 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह परियोजना पहाड़ों की भूगर्भीय स्थिति की जांच के लिए वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान को जिम्मेदारी सौंपे गई है। यह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को बढ़ावा देगा कि निर्माण कार्य पर्यावरण के अनुकूल हो।

विशेष सुरंगों का निर्माण

इस हाईवे की विशेषता इसकी दो प्रमुख सुरंगें होंगी:

  • जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के निम्नतम स्थान पर लगभग 2.9 किमी लंबी सुरंग
  • मसूरी की पहाड़ियों में दूसरी 2 किमी लंबी सुरंग
  • इन सुरंगों के बनने से तीखे मोड़, खड़ी चढ़ाई और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को बायपास किया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।

वीकेंड जाम से मिलेगी राहत

फिलहाल, देहरादून से मसूरी जाने का एक ही प्रमुख मार्ग है, जहाँ वीकेंड पर यातायात बेतरतीब हो जाता है, और वैकल्पिक किमाड़ी मार्ग मानसून में बार-बार बंद हो जाता है। इसकी कीमत स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को चुकानी पड़ती है, जिससे स्कूल, दफ्तर, अस्पताल और आपातकालीन सेवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

हाईवे का रूट और इसके लाभ

यह नया हाईवे झाझरा से मसूरी के लाइब्रेरी चौक होते हुए एनएच-707ए (मसूरी–कैंपटीफॉल रोड) को जोड़ेगा। इससे ट्रैफिक का दबाव बंटेगा और मसूरी शहर में जाम की समस्या में कमी आएगी।

पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

मसूरी उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है। हर वीकेंड, दिल्ली-एनसीआर से हजारों वाहन यहाँ पहुँचते हैं। नए राष्ट्रीय हाईवे के बनने से न केवल पर्यटकों की यात्रा सुगम होगी, बल्कि पर्यटन सीजन में होने वाली अव्यवस्था पर भी लगाम लगेगा।

NHAI ने यह पुष्टि की है कि निर्माण कार्य का प्रारंभ होने से पहले मिट्टी, चट्टानों, और भूस्खलन की संभावनाओं की पूरी वैज्ञानिक जांच की जाएगी, ताकि पर्यावरण और पहाड़ों की सेहत से कोई समझौता न किया जा सके।

इस परियोजना के अंतर्गत ट्रैफिक प्रबंधन और पर्यटन को बढ़ावा देना कहीं अधिक तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया जाएगा, जिससे कि इस क्षेत्र का विकास संभव हो सके।

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कविता शर्मा