मेघालय: अवैध कोयला खदान में बड़ा धमाका, रेस्क्यू कार्य जारी, कई मजदूर फंसे
एफएनएन, शिलांग: मेघालय में एक अवैध कोयला खदान में धमाके के बाद एक मजदूर के घायल होने की खबर है. पुलिस के मुताबिक, कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई गई है. पुलिस ने बताया कि गुरुवार को मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले के एक गांव में एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में धमाका […] The post अवैध कोयला खदान में धमाका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई मजदूर अंदर फंसे appeared first on Front News Network.
मेघालय: अवैध कोयला खदान में बड़ा धमाका, रेस्क्यू कार्य जारी, कई मजदूर फंसे
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कम शब्दों में कहें तो, मेघालय में एक अवैध कोयला खदान में धमाका हुआ है जिसमें एक मजदूर घायल हो गया है और कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
एफएनएन, शिलांग: हाल ही में मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले के थांगस्कू इलाके में एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में बड़ा धमाका हुआ। इस घटना में एक मजदूर घायल हुआ है और कई अन्य मजदूरों के खदान के अंदर फंसे होने की सूचना मिली है। पुलिस के अनुसार, पिछले गुरुवार को यह घटना हुई थी, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि स्थानीय समाचार एजेंसी से बातचीत में पुष्टि की गई कि धमाका सुबह के समय हुआ। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि खदान के अंदर कितने लोग फंसे हुए हैं। कुमार के अनुसार, एक घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शिलांग रेफर किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन का कार्य जारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने रेस्क्यू कार्य के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) से सहायता मांगी है। कुमार ने कहा कि एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचने के लिए तैयार है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, खदान में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए किसी भी समय रेस्क्यू कार्य आरंभ किया जा सकता है।
अवैध खनन का कानूनी पहलू
पुलिस के अनुसार, धमाका उस जगह पर हुआ है जिसे एक गैर-कानूनी खदान माना गया है। यह भी बताया गया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने वर्ष 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला खनन पर प्रतिबंध लगाया था, जिसके अनुसार इस प्रक्रिया से पर्यावरण को नुकसान होता है और सुरक्षा के मुद्दे भी सामने आते हैं।
रैट-होल खनन की प्रक्रिया में पतली सुरंगें खोदने का काम होता है, जो सामान्यत: 3-4 फीट ऊंची होती हैं। यह प्रक्रिया अत्यंत खतरनाक मानी जाती है और इसमें बहुत से मजदूर जीवन जोखिम में डालते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बैन को मान्यता दी है और केवल वैज्ञानिक तथा विनियमित रूप से खनन की इजाजत दी है।
सुरक्षा के उपाय और आगे की कार्रवाई
इस घटना ने एक बार फिर अवैध खनन और उसके द्वारा उत्पन्न खतरों पर ध्यान केंद्रित किया है। स्थानीय अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इनके साथ ही, गंभीर परिणामों के बिना, कार्रवाई करने के लिए नियमों का पालन भी करना होगा।
स्थानीय बैठकों में यह चर्चा की जा रही है कि कैसे अवैध खनन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकते हैं ताकि मानव जीवन को खतरे में डालने वाली घटनाएं टल सकें।
धमाके के कारणों की जांच पुलिस कर रही है, और उन्होंने कहा कि वे इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेंगे। संबंधित विभागों को संयोजित रूप से काम करने का निर्देश दिया गया है।
फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन के सफल होने की उम्मीद की जा रही है। हम इस मामले पर और अपडेट देंगे।
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सादर,
Team Dharm Yuddh
श्रीमती अनामिका शर्मा