Uttarakhand आयुर्वेद विश्वविद्यालय: छात्रों का आक्रोश, 2 छात्राओं समेत 4 छात्र बने समर्थन का केन्द्र
एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand आयुर्वेद विश्वविद्यालय हर्रावाला में एक बार फिर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। परीक्षा समय पर नहीं होने और लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी न किए जाने से नाराज BAMS छात्रों ने बुधवार रात से विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह छात्रों का विरोध उस समय और उग्र […]
Uttarakhand आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्रों का बढ़ता आक्रोश
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कम शब्दों में कहें तो, Uttarakhand आयुर्वेद विश्वविद्यालय में फिर से छात्रों का गुस्सा उभरा है। प्रदेश के हर्रावाला में स्थित इस विश्वविद्यालय के BAMS छात्रों ने परीक्षा की देरी और परिणाम न आने के चलते विरोध प्रदर्शन किया है।
एफएनएन, देहरादून: Uttarakhand आयुर्वेद विश्वविद्यालय में एक बार फिर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। परीक्षा समय पर नहीं होने और लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी न किए जाने से नाराज BAMS छात्रों ने बुधवार रात से विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह छात्रों का विरोध उस समय और उग्र हो गया, जब दो छात्राओं समेत चार छात्र विश्वविद्यालय परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। छात्रों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे।
दस दिन पहले भी हुए थे आंदोलन के साक्षी
छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर करीब दस दिन पहले भी आंदोलन किया था, जिसमें कुछ छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन, छात्रों का आरोप है कि उन आश्वासनों का कोई पालन नहीं हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने फिर से इस विरोध का रास्ता अपनाया।
समय पर परीक्षा न होने का गंभीर आरोप
छात्रों का मुख्य आरोप है कि विश्वविद्यालय में परीक्षाएं सही समय पर आयोजित नहीं की जा रही हैं। इसके अलावा, जिन परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है, उनके परिणाम भी लम्बे समय तक लम्बित हैं। छात्रों का कहना है कि यह स्थिति उनके शैक्षणिक सत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। उन्हें आगे की पढ़ाई, इंटर्नशिप और करियर पर विचार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
चार छात्रों का टंकी पर चढ़ना: हड़कंप मचना स्वाभाविक
बुधवार रात सैकड़ों BAMS छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन प्रारंभ किया। गुरुवार सुबह चार छात्र, जिनमें दो छात्राएं भी शामिल थीं, पानी की टंकी पर चढ़ गए। यह घटना देखने वालों के लिए चौंकाने वाली थी और प्रभावी रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई।
इस घटना की सूचना मिलते ही डोईवाला कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और पुलिस ने छात्रों से संवाद करके उन्हें टंकी से सुरक्षित नीचे लाने के प्रयास किए। पूरे परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।
लिखित आश्वासन के बावजूद सुनवाई का न होना
छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन उनके मुद्दों का स्थायी समाधान नहीं हुआ। पहले दिए गए लिखित आश्वासन की समय सीमा खत्म हो चुकी है, लेकिन परीक्षाओं और परिणामों के मामले में कुछ नहीं हुआ।
राजनीतिक समर्थन प्राप्त करना छात्रों के लिए एक नई पहल
छात्रों के आंदोलन में अब राजनीतिक रंग भी दिखाई देने लगा है। कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल ने भी छात्रों के समर्थन में सभा की और उनकी मांगों को गंभीरता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के अधिकारियों ने छात्रों की समस्याओं को अनदेखा किया है। मोहित उनियाल ने देर रात मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचकर छात्रों की समस्याओं को उठाने की कोशिश की।
अगली कार्रवाई के लिए अड़े छात्र
आखिरकार, छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनके मुद्दों का समाधान नहीं होता, वो अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। पुलिस और प्रशासन उनसे बातचीत कर रहा है, लेकिन छात्रों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उनका दबाव इसलिए बढ़ रहा है ताकि परीक्षा और परिणाम से संबंधित सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।
संक्षेप में, Uttarakhand आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध केवल एक समस्या की ओर इशारा करता है, खासकर शिक्षा प्रणाली में गिरावट और प्रशासन की लापरवाही का। शिक्षकों और प्रबंधन के लिए यह समय है कि वे गंभीरता से इन समस्याओं का समाधान करें ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
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सादर, रत्ना शर्मा
टीम धर्म युद्ध