चंपावत में मुख्यमंत्री धामी की कैबिनेट बैठक, युवाओं और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
एफएनएन, चंपावत : उत्तराखंड के चंपावत जिले में पहली बार राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। भारत-नेपाल सीमा से सटे बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में युवाओं, डॉक्टरों, कुक्कुट पालकों, पशुपालन और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े अहम […]
चंपावत में मुख्यमंत्री धामी की कैबिनेट बैठक, युवाओं और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के चंपावत जिले में पहली बार आयोजित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जो युवाओं और पशुपालकों के जीवन को प्रभावित करेंगे।
यह बैठक भारत-नेपाल सीमा के निकट बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई। इस बैठक का उद्देश्य स्थानीय मुद्दों को समझना और क्षेत्रीय विकास की आवश्यकता के अनुसार निर्णय लेना था। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अब कैबिनेट की बैठकें केवल देहरादून में ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी, जिससे स्थानीय समस्याओं को सीधे सरकार के समक्ष रखा जा सके।
युवाओं और डॉक्टरों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में युवाओं से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इसके साथ ही, डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि करने का निर्णय भी लिया गया है। यह कदम सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की संपत्तियों के परिसीमन संबंधी संशोधन को भी मंजूरी दी, जिससे युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों को अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
प्रशासनिक ढांचे में सुधार
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड के प्रशासनिक ढांचे के पुनर्गठन को भी स्वीकृति दी। इस पुनर्गठन में 11 नए पदों का सृजन किया जाएगा, जिसमें 8 आरक्षी न.पु., 1 आरक्षी डकारनर, और 2 आरक्षी चालक शामिल हैं। यह कदम प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।
इसके अतिरिक्त, नियोजन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निवेष और आधारभूत संरचना (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 49 में संशोधन प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है, जिससे संबंधित संस्थाओं को 92 प्रतिशत आय का हिस्सा प्राप्त होगा।
सिंचाई और जल निकासी कानून में महत्वपूर्ण बदलाव
कैबिनेट ने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करने का निर्णय लिया है। वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर यह कानून अप्रासंगिक हो चुका था। इसके स्थान पर, नए उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई है, जो राज्य की भौगोलिक स्थिति के अनुसार होगा।
कुक्कुट पालकों के लिए सब्सिडी योजना
बैठक में कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना को लेकर भी निर्णय लिया गया। अब लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खातों के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफर के जरिए किया जाएगा, जिससे सब्सिडी का वितरण और सरल होगा।
पशुपालन विभाग के लिए नई व्यवस्थाएँ
मंत्रिमंडल ने पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग के लिए एक नए महानिदेशक पद के सृजन को भी मंजूरी दी है। इससे सरकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्थानीय विकास को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि विभिन्न जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य स्थानीय आवश्यकताओं को समझना और क्षेत्रीय समस्याओं पर त्वरित निर्णय लेना है। इससे विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक जनता तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने सीमांत क्षेत्रों की महत्ता के बारे में भी बताया और कहा कि इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, और पर्यटन को सशक्त बनाने पर सरकार का जोर है।
पारंपरिक संस्कृति का सम्मान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी और मंत्रिमंडल के सदस्यों को चंपावत की पारंपरिक धरोहर 'फर्रा/छन्तोली' भेंट की गई। यह पारंपरिक वस्त्र चंपावत की बग्वाल परंपरा से जुड़ा हुआ है और स्थानीय संस्कृति का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री को यह भेंट देना देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करने का प्रतीक माना जाता है।
इस बैठक के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वह युवाओं, डॉक्टरों, और पशुपालकों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनके लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
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टीम धर्म युद्ध
साक्षी शर्मा