देहरादून में फर्जी दस्तावेजों से प्रमाणपत्र बनाने की कोशिश में छात्र पर FIR, अब तक तीन मामले दर्ज
एफएनएन, देहरादून : Fake Documents देहरादून में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी प्रमाणपत्र हासिल करने के प्रयास का एक और मामला सामने आया है। पुलिस ने स्थायी निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने के मामले में एक छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। […]
देहरादून में फर्जी दस्तावेजों से सरकारी प्रमाणपत्र बनाने की संदिग्ध कोशिश
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में एक छात्र पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी प्रमाणपत्र हासिल करने की कोशिश का मामला सामने आया है, जिसकी वजह से पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले की गहन जांच चल रही है।
एफएनएन, देहरादून : हाल ही में, देहरादून में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करते हुए सरकारी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की एक और घटना सामने आई है। पुलिस ने स्थायी निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने के आरोप में एक छात्र, एलिस तोमर, के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। आरोपी ने सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था।
सत्यापन में सामने आया मामला
इस मामले में तहसील सदर की लेखपाल, स्वाति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया है कि हरिपुर कांवली निवासी एलिस तोमर ने सरकारी पोर्टल पर स्थायी निवास और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। लेकिन जब अधिकारी ने आवास का सत्यापन करने की कोशिश की, तो पाया गया कि एलिस तोमर उस पते पर निवास नहीं करते। इसके बाद सामने आए दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड और शपथ पत्र की भी जांच की गई, जो कथित तौर पर फर्जी पाए गए।
प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में तीन FIR दर्ज
इस प्रकार के फर्जीवाड़े के मामले में अब तक पुलिस ने तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें एक FIR रायपुर थाने और दूसरी क्लेमेंट टाउन थाने में दर्ज दर्ज की गई है। नए मामले को भी पुलिस और SIT (विशेष जांच दल) की जांच से जोड़ा जा रहा है।
SIT द्वारा की गई गिरफ्तारी
फर्जी प्रमाणपत्र के मामले की जांच कर रही SIT ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक छात्रा परी के पिता अरविंद भी शामिल हैं। यह पता चला है कि अरविंद ने मेरठ निवासी रूपेश पंडित और मध्य प्रदेश निवासी धीरज श्रीवास्तव के माध्यम से प्रमाणपत्र बनवाए थे।
नए मामले को जांच में शामिल करेगी SIT
पुलिस के अनुसार, एलिस तोमर से जुड़े इस नए मामले के बारे में SIT को सूचित किया जाएगा ताकि उसे भी चल रही जांच में शामिल किया जा सके। जांच में ये जानने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और प्रमाणपत्र बनाने के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।
फर्जी दस्तावेजों का यह मामला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि किस तरह कुछ छात्र और नागरिक अनैतिक तरीकों से लाभ प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक है कि हमारे सरकारी तंत्र में कठोर निगरानी हो और सख्त कदम उठाए जाएं ताकि ऐसे अपराधों पर रोक लग सके।
सभी पाठकों से निवेदन है कि सरकारी प्रमाणपत्र प्राप्त करने में कभी भी अनैतिक साधनों की कोशिश न करें। यदि आपके पास इस विषय में कोई जानकारी है, तो संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।
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धन्यवाद,
टीम धर्म युद्ध
स्वाति शर्मा