राज्य के पांच जनपदों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 27 सितम्बर को चार जनपदों के लिए भी जारी
*रेड अलर्ट, 24X7 अलर्ट मोड पर रहें अधिकारीः मुख्यमंत्री* *कल राज्य के पांच जनपदों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 27 सितम्बर को 04 जनपदों के लिए रेड अलर्ट जारी* *सचिव आपदा प्रबंधन ने जनपदों के साथ की बैठक, आपदा प्रबंधन मंत्री ने भी दिए सतर्क रहने के निर्देश* देहरादून। मा0 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी […]
राज्य के पांच जनपदों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 27 सितम्बर को चार जनपदों के लिए भी जारी
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कम शब्दों में कहें तो, राज्य के पांच जनपदों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है जिसमें बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर शामिल हैं। 27 सितम्बर के लिए चार और जनपदों के लिए रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है।
देहरादून। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अलर्ट की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित जनपदों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दो दिनों में भारी बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
सीएम धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर सभी जनपदों का 24X7 अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। साथ ही, उन्होंने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने का निर्देश दिया ताकि मौसम संबंधी चेतावनियों की तात्कालिक जानकारी स्थानीय स्तर तक पहुंचाई जा सके।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 26 सितम्बर को राज्य के पांच जनपदों में रेड अलर्ट, पांच जनपदों में ऑरेंज अलर्ट और तीन जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली तथा अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियां
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दिनों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कों का बंद होना और नदी नालों के जलस्तर में वृद्धि की बातें उठती हैं। इन संभावित आपदाओं के मद्देनजर, सभी जनपदों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को एहतियात बरतने की आवश्यकता है।
सचिव आपदा प्रबंधन ने सभी 13 जनपदों के साथ बैठक कर अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से रेड व ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों में संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी रखने और मौसम संबंधी चेतावनियों को नीचे तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
सतर्कता के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नदी-नालों, गदेरों और जलस्रोतों के पानी के स्तर की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें। इसके साथ ही, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में मशीनरी की तैनाती का भी निर्देश दिया गया है ताकि कहीं भी मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तात्कालिक सहायता दी जा सके।
सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और विद्युत जैसे संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखना होगा।
जनता से अपील
सीएम ने आम जनता से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने यह भी जोर दिया कि लोग नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास न जाएं।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपातकालीन केंद्र के नंबर 1077 और आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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सभी लोग सतर्क रहें और पूर्वानुमान के अनुसार सुरक्षा के प्रयास करें।
Team Dharm Yuddh - द्वारा सुमन वर्मा