रामनगर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गर्जिया मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री बंद

एफएनएन, रामनगर : Ramnagar पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। रामनगर स्थित प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने और बाढ़ का पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंचने […]

रामनगर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गर्जिया मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री बंद

रामनगर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गर्जिया मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री बंद

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कम शब्दों में कहें तो, रामनगर में बाढ़ के बढ़ते खतरे के चलते गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

एफएनएन, रामनगर: रामनगर के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। खासकर, रामनगर स्थित गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोकने का निर्णय लिया गया है। ऐसा मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और बाढ़ का पानी धीरे-धीरे मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच रहा है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने एहतियात बरतने का फैसला किया है।

हालात की गंभीरता

पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर ने कोसी नदी को खतरे में डाल दिया है। विशेषकर बुधवार को, जब 河सी नदी का पानी गर्जिया मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंचा, तब से स्थिति और भी गंभीर हो गई। नदी का जल भराव अब मंदिर के प्रवेश मार्ग को भी प्रभावित कर रहा है।

मंदिर के पुजारी का बयान

मंदिर के प्रमुख पुजारी, मनोज पांडे ने जानकारी दी कि पहाड़ों में रात भर बारिश होती रही और सुबह से ही कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने के संकेत मिलने लगे थे। उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे के दौरान जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई। शाम होते-होते हालात चिंताजनक हो गए और पानी मंदिर की ओर बढ़ने लगा। इसके चलते, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार को मंदिर को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। मौसम सामान्य होने पर ही दोबारा मंदिर के दरवाजे खोले जाएंगे, ऐसा उनकी आशंका है।

भाजपा नेताओं का दौरा

इस बीच, भाजपा नेता मदन जोशी ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करें। उन्होंने गर्जिया मंदिर की स्थिति का जायजा लिया और वहां की स्थिति के बारे में ब्यौरा दिया।

जिला प्रशासन की तैयारी

जोशी ने कहा कि चुकुम, सुंदरखाल, देवीचौड़ और गर्जिया जैसे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने इस स्थिति को लेकर अलर्ट मोड पर काम कर रहा है और जरूरी तैयारी पहले से की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी किए गए हैं। राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुएं प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध करवाई गई हैं।

नजरें मौसम पर

स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर रख रही है और उम्मीद की जा रही है कि कोसी नदी में जल स्तर गिरने और मौसम सामान्य होने के बाद गर्जिया मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही जल्द शुरू होगी। इस बावत स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया है। कई श्रद्धालुओं को संदेह है कि बाढ़ के कारण उनका धार्मिक यात्रा कार्यक्रम अवरुद्ध न हो।

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सुरक्षित रहने का निवेदन करते हुए, सभी को समय रहते अपनी योजनाएं बनानी चाहिए।

सादर,
टीम धर्म युद्ध
साक्षी शarma