घने जंगल में रास्ता भटकने के बाद मची अफरा-तफरी, एसडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन

एफएनएन, रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा मार्ग से जुड़े सोनप्रयाग क्षेत्र में बीती देर रात एक यात्री के घने जंगल में भटक जाने से हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने तत्काल मोर्चा संभाला और रात में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया. जिसके तहत करीब दो किलोमीटर अंदर जंगल से यात्री को सकुशल बाहर निकाल लिया गया. […] The post घने जंगल में रास्ता भटकने के बाद मची अफरा-तफरी, एसडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन appeared first on Front News Network.

घने जंगल में रास्ता भटकने के बाद मची अफरा-तफरी, एसडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन

एफएनएन, रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा मार्ग से जुड़े सोनप्रयाग क्षेत्र में बीती देर रात एक यात्री के घने जंगल में भटक जाने से हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने तत्काल मोर्चा संभाला और रात में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया. जिसके तहत करीब दो किलोमीटर अंदर जंगल से यात्री को सकुशल बाहर निकाल लिया गया.

रास्ता भटका यात्री: सोनप्रयाग थाना पुलिस के मुताबिक, मुनकटिया से करीब 1.5 किलोमीटर आगे जंगल क्षेत्र में एक व्यक्ति रास्ता भटक गया था. जो अंधेरे के कारण वापस मार्ग नहीं खोज पा रहा था. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ यानी राज्य आपदा प्रतिवादन बल पोस्ट सोनप्रयाग की टीम उप निरीक्षक संतोष परिहार के नेतृत्व में आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल रवाना हुई.

घना अंधेरा, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्ता और सर्द मौसम रेस्क्यू के लिए चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन टीम ने संयम और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए जंगल में गहन तलाशी अभियान चलाया. करीब दो किलोमीटर अंदर सर्चिंग के बाद यात्री को सुरक्षित खोज लिया गया. प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि वो गूगल मैप का सहारा लेकर जा रहा था. जो मुख्य मार्ग से भटककर जंगल की ओर चला गया, जिससे वो दिशा भ्रमित हो गया.

वहीं, रेस्क्यू किए गए व्यक्ति की पहचान राजभवन कौल पुत्र भैया लाल कौल (उम्र 62 वर्ष) निवासी बाटोली, गोपदबनास, सीधी (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई. एसडीआरएफ टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर लाकर आवश्यक प्राथमिक सहायता मुहैया कराई और अग्रिम कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया. स्थानीय लोगों ने एसडीआरएफ की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है.

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अभी 2 महीने बाकी: हालांकि, इस घटना ने कई सवाल भी खड़े किए हैं. वर्तमान में केदारनाथ धाम के कपाट बंद हैं और खुलने में अभी लगभग दो महीने का समय शेष है. ऐसे में यात्रा मार्ग पर किसी यात्री का जंगल क्षेत्र में भटकना या स्थानीय स्तर पर पूर्व सूचना का अभाव सुरक्षा प्रबंधन पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.

यात्रियों को सलाह: प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि पर्वतीय और संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रा करते समय केवल डिजिटल माध्यमों पर निर्भर न रहें. स्थानीय प्रशासन से जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या एसडीआरएफ से संपर्क करें.

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