देहरादून चिड़ियाघर में नये मेहमान ‘तेजस’ का आगमन, सफेद टाइगर बना आकर्षण

ग्वालियर से 14 घंटे के सफर के बाद देहरादून पहुंचा ढाई साल का तेजस, 20 दिन क्वारंटीन में रहेगा; सफेद फर, काली धारियां और नीली आंखें बनीं खास पहचान देहरादून। देहरादून चिड़ियाघर में व्हाइट टाइगर के रूप में नया मेहमान पहुंचा है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से करीब 550 किलोमीटर का सफर तय कर ढाई […]

देहरादून चिड़ियाघर में नये मेहमान ‘तेजस’ का आगमन, सफेद टाइगर बना आकर्षण

देहरादून चिड़ियाघर में नये मेहमान ‘तेजस’ का आगमन, सफेद टाइगर बना आकर्षण

कम शब्दों में कहें तो, मध्य प्रदेश के ग्वालियर से 550 किमी का सफर तय कर देहरादून पहुंचे ढाई साल के व्हाइट टाइगर ‘तेजस’ ने चिड़ियाघर में धूम मचा दी है। तेजस को यहां 20 दिन क्वारंटीन में रखा जाएगा।

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देहरादून। देहरादून चिड़ियाघर में अपने अनोखे सफेद रंग और नीली आंखों के साथ नया मेहमान ‘तेजस’ पहुंचा है। यह व्हाइट टाइगर मध्य प्रदेश के ग्वालियर से 14 घंटे के सफर के बाद करीब 550 किलोमीटर्स की दूरी तय करते हुए यहां पहुंचा। तेजस का यह सफर कठिनाई भरा था, लेकिन उसके बाद भी वह पूरी तरह से सामान्य और शांत दिखाई दिया। चिड़ियाघर पहुंचने के बाद उसने अपने नए बाड़े में चहल कदमी करते हुए सबको आकर्षित किया।

चिड़ियाघर में उत्सुकता का माहौल

तेजस के आगमन ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में उत्साह का संचार कर दिया है। चिड़ियाघर की रेंजर दीक्षा भट्ट ने बताया कि वह भी पहली बार व्हाइट टाइगर को करीब से देखने का अनुभव ले रही हैं। हालांकि, पर्यटक अभी कुछ समय के लिए उसे नहीं देख पाएंगे, क्योंकि उसे पहले क्वारंटीन में रखा जाएगा।

तेजस रहेगा 20 दिन क्वारंटीन में

एक चिड़ियाघर से दूसरे चिड़ियाघर में वन्यजीवों के स्थानांतरण के बाद एक निश्चित प्रोटोकॉल के तहत उन्हें कुछ समय के लिए अलग रखा जाता है। इस क्रम में तेजस को लगभग 20 दिनों तक क्वारंटीन और निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान चिड़ियाघर का बाड़ा कीपर और पशु चिकित्सक ही उसकी देखभाल के लिए उसके संपर्क में रहेंगे।

सफर की सुरक्षा के लिए विशेष कदम

ग्वालियर से देहरादून तक तेजस ने सुरक्षित यात्रा की। उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रांसलोकेशन वाहन की गति नियंत्रित रखी गई। पूरे सफर के दौरान उसकी सेहत और व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी गई। इस सफर में कुल 14 घंटे का समय लगा, लेकिन अंततः उसे सुरक्षित देहरादून लाया गया।

डाइट चार्ट और स्वास्थ्य रिपोर्ट

ग्वालियर से आई टीम तेजस के साथ उसका डाइट चार्ट और स्वास्थ्य रिपोर्ट भी लेकर आई है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि नए वातावरण में उसकी आदतें और दिनचर्या बिना किसी बदलाव के जारी रह सकें।

तेजस की पहचान और विशेषताएं

तेजस अझेर वयस्क नहीं है और उसके भीतर चंचलता दिखाई दे रही है। बाड़े में वह सक्रिय और खेल-कूद में व्यस्त नजर आ रहा है। उसका सफेद फर, काली धारियां और नीली आंखें उसे अन्य सामान्य बाघों से अलग पहचान देती हैं। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि व्हाइट टाइगर कोई अलग प्रजाति नहीं है, बल्कि यह एक आनुवंशिक रंग-भिन्नता के कारण सफेद दिखाई देता है।

सामान्य बाघ के साथ तेजस

तेजस के लिए एक अलग बाड़ा रॉयल बंगाल टाइगर के समीप बनाया गया है। क्वारंटीन की अवधि पूरी होने के बाद तेजस को पर्यटकों के लिए डिस्प्ले में लाया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, चिड़ियाघर में आने वाले लोगों को एक साथ सामान्य नारंगी-पीले रंग के रॉयल बंगाल टाइगर और सफेद फर वाले व्हाइट टाइगर को देखने का अवसर मिलेगा।

तेजस के आगमन से न केवल देहरादून चिड़ियाघर का नज़ारा बदल गया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संरक्षण और संरक्षण प्रयासों में निरंतरता महत्वपूर्ण है। व्हाइट टाइगर जैसे जंगली जानवरों का संरक्षण न केवल उनकी सुंदरता का सम्मान करना है, बल्कि यह हमारी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने का प्रयास भी है।

इसके लिए चिड़ियाघर के अधिकारियों की मेहनत और उनकी जागरूकता सराहनीय है। हम सभी को इन प्रयासों में योगदान देना चाहिए ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी ये अनमोल वन्यजीव देखने को मिल सकें।

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Team Dharm Yuddh, कविता शर्मा