देहरादून में मेडिकल छात्रा की आत्महत्या, HOD पर गंभीर आरोप - मानसिक उत्पीड़न का मामला

पिता की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू, मानसिक प्रताड़ना और अतिरिक्त पैसे मांगने के आरोप देहरादून। राजधानी देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली पीजी छात्रा डॉ. तनवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने मेडिकल शिक्षा जगत में सनसनी फैला दी है। इस मामले में मृतका के पिता डॉ. ललित मोहन […] The post देहरादून में मेडिकल छात्रा की आत्महत्या, HOD पर गंभीर आरोप appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

देहरादून में मेडिकल छात्रा की आत्महत्या, HOD पर गंभीर आरोप - मानसिक उत्पीड़न का मामला

देहरादून में मेडिकल छात्रा की आत्महत्या, HOD पर गंभीर आरोप

कम शब्दों में कहें तो देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा डॉ. तनवी की आत्महत्या के मामले में विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता पर आरोप लगे हैं। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही पीजी छात्रा डॉ. तनवी का संदिग्ध तरीके से निधन हो जाने से मेडिकल शिक्षा जगत में घेराबंदी उत्पन्न हो गई है। उनके पिता, डॉ. ललित मोहन, ने आरोप लगाया है कि कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता ने उनकी बेटी को मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक शोषण का शिकार बनाया।

घटना की पृष्ठभूमि

पटेलनगर क्षेत्र में पढ़ने वाली 27 वर्षीय छात्रा डॉ. तनवी की मौत का मामला तब सामने आया जब वह अपनी कार में अचेत हालत में मिलीं। उनके परिवार वालों ने शीशे को तोड़कर उन्हें निकाला और तुरंत महंत इंद्रेश अस्पताल ले गए, जहां डॉ. तनवी को मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना ने कॉलेज और स्थानीय समुदाय में एक नई बहस छेड़ दी है।

डॉ. ललित मोहन की शिकायत

पिताजी ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में डॉ. प्रियंका गुप्ता पर आरोप लगाया कि वह उनकी बेटी पर मानसिक, शैक्षणिक और वित्तीय दबाव डालती थीं। इससे पहले, डॉ. तनवी ने अपने पिता को फोन पर अपनी परेशानियों के बारे में बताया था कि वह काफी तनाव में हैं। शिकायत में बताया गया है कि सितंबर 2023 से छात्रा के साथ भेदभाव किया जा रहा था।

डॉ. तनवी के पिता ने कहा कि "हम पहले से ही जानते थे कि उसकी पढ़ाई में समस्याएँ आ रही थीं, लेकिन हमने कभी नहीं सोचा था कि ये समस्याएँ इतनी गंभीर हो जाएँगी।" उन्होंने यह भी कहा कि उनके रेकॉर्ड में कम अंक दर्ज करना और कोई भी सकारात्मक सहयोग नहीं देना उत्पीड़न का हिस्सा था।

पुलिस जांच और भूमिका

पुलिस ने डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसआई पटेलनगर प्रमोद शाह ने बताया, "हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और अन्य जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं।" महंत इंद्रेश अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने पुष्टि की कि छात्रा मानसिक स्वास्थ्य उपचार के तहत थीं और पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थीं।

सम्पूर्ण घटनाक्रम

घटना की रात, डॉ. तनवी ने अपने पिता को संदेश भेजा था कि वह जल्द घर आएँगी, लेकिन उसके बाद उनका संपर्क टूट गया। परिवार जब कैंपस पहुँचा तो उनकी कार में उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया। कार अंदर से बंद थी और हाथ में कैनुला लगा था। जांच में इंजेक्शन से जुड़ी सामग्री भी मिली है, जो सवाल उठाती है कि क्या यह आत्महत्या थी या कुछ और।

समाज पर प्रभाव

यह मामला न केवल देहरादून बल्कि पूरे देश में चिकित्सा शिक्षा के मानकों और छात्र कल्याण पर गंभीर प्रश्न उठाता है। ऐसी घटनाएँ आमतौर पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करती हैं। छात्रों को उनकी पढ़ाई में सहयोग और समर्थन की आवश्यकता होती है, लेकिन यदि शैक्षणिक संस्थान ही इस तरह का शोषण करने लगते हैं, तो यह एक गंभीर चिंता का विषय होगा।

स्थानीय निवासियों और छात्र समुदाय ने इस मामले को लेकर गहरी चिंताओं का इजहार किया है। कई छात्रों ने इस घटना के खिलाफ आवाज उठाई है और सरकार से सख्त कार्रवाई की माँग की जा रही है।

हमें उम्मीद है कि इस मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी और इससे आगे की समस्याओं का समाधान निकल सकेगा।

इस संबंध में अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ

सादर,

तनिषा शर्मा
Team Dharm Yuddh