आपदा प्रबंधन में सुधार: संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कार्यों की मंजूरी
*आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, संवेदनशील इलाकों में आपदा न्यूनीकरण कार्यो को मिली मंजूरी* *नदियों के चैनलाइजेशन व ड्रेजिंग कार्यो को हरी झंडी, जनहित में आपदा न्यूनीकरण कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश* *भूस्खलन और बाढ़ सुरक्षा के लिए अहम फैसले, 28 जोखिम भरे नदी तटों पर चैनलाइजेशन व सुरक्षात्मक कार्यो […] The post आपदा प्रबंधन में तेजी, संवेदनशील इलाकों में कार्यों को मंजूरी appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
आपदा प्रबंधन में सुधार: संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कार्यों की मंजूरी
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कम शब्दों में कहें तो, जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन में तेजी लाते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण कार्यों को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय नदियों के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग के लिए हरी झंडी देने के साथ-साथ भूस्खलन और बाढ़ सुरक्षा को मजबूत करने हेतु महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी ने दिए दिशा-निर्देश
देहरादून में, जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में विभिन्न संवेदनशील इलाकों में सुरक्षात्मक कार्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के अनुरूप स्वीकृति दी गई। जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि "आपदा न्यूनीकरण कार्यों को जनहित और सुरक्षा के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता पर किया जाना आवश्यक है।"
चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग के कार्य
इस बैठक में नदियों के चैनलाइजेशन, रिवर ड्रेसिंग तथा अन्य सुरक्षात्मक कार्यों को मंजूरी दी गई। जिलाधीश ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि आपदा न्यूनीकरण योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि समय रहते लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
महत्वपूर्ण निर्णय और कार्यों की सूची
बैठक में हरिपुर कालसी क्षेत्र में यमुना नदी तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट निर्माण, कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर लैंडस्लाइड जोन में संरचनात्मक कार्यों को सशर्त मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, 28 संवेदनशील स्थलों पर मानसून के दौरान होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया है।
सुरक्षा उपायों में सुधार
अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने कहा, "आपदाग्रस्त एवं संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विभिन्न विभागों से प्रस्ताव लिए गए हैं। इन कार्यों को स्वीकृति देने में मार्च का समय सटीक है ताकि विभागों को पूर्ण किए जाने वाले कार्यों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।"
नई योजनाओं के लिए सुझाव आमंत्रित
बैठक के दौरान सभी विभागों से नए सुझाव मांगे जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने यह भी कहा है कि समिति भविष्य में नियमित बैठकें आयोजित करेगी ताकि समय-समय पर प्रगति की समीक्षा की जा सके।
इस प्रकार इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि आपदा प्रबंधन कार्यों को तीव्र गति से लागू किया जाए, जिससे जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध
(नेहा गुप्ता)