जनता के दरवाजे पर सरकार: 328 कैंप और 2.54 लाख नागरिकों की भागीदारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम शासन और जनता के बीच सेतु बनकर जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है। संबंधित अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिनांक 14 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 13 जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 328 […] The post जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान: 328 कैम्प, 2.54 लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
जनता के दरवाजे पर सरकार: 328 कैंप और 2.54 लाख नागरिकों की भागीदारी
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम ने शासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का निर्माण किया है। यह कार्यक्रम जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्रदान करने में काफी सफल रहा है।
कार्यक्रम की सफलता का परिचय
प्रदेश के 13 जनपदों में आयोजित इस खास अभियान के तहत 328 कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 2 नए कैंप हाल ही में लगाए गए। इन शिविरों में अब तक 2,54,137 नागरिकों का सक्रिय रूप से भागीदारी करना, लोकतंत्र के प्रति उनकी जागरूकता और विश्वास को दिखाता है। आज के दिन 2,730 नागरिकों ने शिविरों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भाग लिया।
प्रार्थना पत्रों और शिकायतों का संग्रहण
संबंधित अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इन शिविरों में कुल 26,814 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं। इनमें से 26,722 प्रार्थना पत्र कैंप के आरंभ से लेकर अब तक के हैं, और आज नए 92 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 18,166 प्रार्थना पत्र शिकायत के रूप में दर्ज किए गए हैं और आज ही के दिन 43 नई शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं।
समस्याओं के निस्तारण की स्थिति
अब तक 36,753 प्रार्थना पत्रों का समाधान किया जा चुका है, जिनमें से आज 71 प्रकरणों का निष्पादन हुआ है। विभिन्न जनपदों में 1,38,011 लोगों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ भी दिया गया है, जिनमें आज 370 नए लाभार्थी भी शामिल हुए। यह आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि सरकार जनहित के मामलों में कितना सक्रिय है।
जनपदवार प्रमुख उपलब्धियाँ
| जनपद | सामान्य नागरिकों की संख्या | निस्तारित प्रकरण |
|---|---|---|
| हरिद्वार | 52,930 | 10,846 |
| उधम सिंह नगर | 25,193 | 3,624 |
| नैनीताल | 8,943 | 1,825 |
| देहरादून | 35,893 | 1,638 |
| अल्मोड़ा | 31,741 | 5,307 |
| पिथौरागढ़ | 11,503 | 2,790 |
| चमोली | 7,431 | 1,029 |
| उत्तरकाशी | 20,059 | 3,468 |
इसके अलावा, बागेश्वर, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी और रुद्रप्रयाग जैसे अन्य जनपदों में भी कई जनसमस्याओं का त्वरित समाधान किया गया है, जो कि इस कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री का विश्वास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह सरकार की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लंबित शिकायतों का निस्तारण जल्दी किया जाए और समाधान की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए।
निष्कर्ष
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान, प्रदेश की जनसंख्या को सशक्त बनाने एवं समस्याओं के समाधान में मदद करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल नागरिकों को उनकी समस्याओं का समाधान देने में मदद कर रहा है, बल्कि सरकार के प्रति नागरिकों के विश्वास को भी मजबूत कर रहा है।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध, सुषमा