बागेश्वर में ‘जन-जन की सरकार, जनता के द्वार’ के माध्यम से हो रहा है विकास का नया युग
बागेश्वर सहित पूरे उत्तराखंड में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “जन-जन की सरकार, जनता के द्वार” कार्यक्रम सरकार और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच बनकर उभर रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण […] The post बागेश्वर में ‘जन-जन की सरकार, जनता के द्वार’ बना जनसंवाद का सशक्त माध्यम, योजनाओं का मिल रहा सीधा लाभ appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
बागेश्वर में ‘जन-जन की सरकार, जनता के द्वार’ के माध्यम से हो रहा है विकास का नया युग
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की पहल 'जन-जन की सरकार, जनता के द्वार' कार्यक्रम ने बागेश्वर में सरकार और आम जनता के बीच की दूरी को मिटाने का कार्य किया है। अब सरकारी योजनाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं।
बागेश्वर सहित पूरे उत्तराखंड में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “जन-जन की सरकार, जनता के द्वार” कार्यक्रम अब जनसंवाद का प्रभावी माध्यम बनने लगा है। यह कार्यक्रम सीधे जनता से संवाद स्थापित करने में मदद कर रहा है। इससे सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर लोगों तक पहुंचाने में सहायता मिल रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ रही है।
कार्यक्रम में जनता की भागीदारी
बागेश्वर में आयोजित कार्यक्रमों में काफी संख्या में लोग आ रहे हैं। इन आयोजनों में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां आम जनता को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त, लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। इससे सरकार के प्रति आमजन में विश्वास और सहभागिता दोनों में वृद्धि हुई है।
स्थानीय नेताओं की बात
कपकोट विधानसभा के विधायक सुरेश गढ़िया ने कहा है कि “जन-जन की सरकार, जनता के द्वार” पहल से ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही सरकारी सेवाएं और योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरुरत नहीं पड़ रही और उनकी समस्याओं का समाधान तुरंत हो रहा है।
पारदर्शिता और विकास की गति
यह कार्यक्रम न केवल प्रशासन और जनता के बीच संवाद को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता को भी सुनिश्चित कर रहा है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की है और इसे आम जनता के लिए बेहद उपयोगी बताया है।
इससे स्पष्ट होता है कि जब सरकार और जनता का संवाद मजबूत होता है, तो विकास की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे कार्यक्रमों से निश्चित रूप से सामाजिक स्थिरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।
अंत में, हम यह कह सकते हैं कि उत्तराखंड सरकार की यह पहल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक नए युग की शुरुआत है, जहां सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है और विकास की गति तेज हो रही है।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध
सुरभि शर्मा