मोहन भागवत का लिव-इन रिलेशनशिप पर बयान: भारतीय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका

KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय समाज में परिवार की भूमिका और संरचना पर… The post कोलकाता में RSS कार्यक्रम में मोहन भागवत का बयान, लिव-इन रिलेशनशिप वाले जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं appeared first on .

मोहन भागवत का लिव-इन रिलेशनशिप पर बयान: भारतीय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका
KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS

कोलकाता में RSS कार्यक्रम: मोहन भागवत का लिव-इन रिलेशनशिप पर बयान

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कम शब्दों में कहें तो, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा करने वाले लोग जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और परिवार की मूलभूत संरचना की आवश्यकता को जोर दिया।

लिव-इन रिलेशनशिप का नया दृष्टिकोण

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय समाज में परिवार के महत्व पर बातें की। इस कार्यक्रम में उन्होंने विशेष रूप से लिव-इन रिलेशनशिप पर अपने विचार साझा किए। भागवत ने कहा कि इस प्रकार के संबंधों में शामिल लोग अक्सर जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास करते हैं।

भारतीय परिवार की संरचना का महत्व

कार्यक्रम में भागवत ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय समाज में परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। परिवार को एक इकाई के रूप में मानते हुए उन्होंने कहा कि यह सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से हमारे जीवन का मुख्य आधार है। इस विचार को महत्व देते हुए, उन्होंने युवाओं को इस दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया।

समाज में बदलाव और उसकी चुनौतियाँ

आज के समय में, कई युवा लिव-इन रिलेशनशिप को एक स्वतंत्रता के रूप में देखते हैं, जो कि कुछ स्थानों पर विवाद का कारण बनता है। भागवत ने इस पर कहा कि हमारी आस्था और संस्कृति में पारिवारिक एकता की जड़ें गहरी हैं और हमें इसे बनाए रखना चाहिए।

समाज में परिवार का स्थान

भागवत का मानना है कि परिवार केवल एक सामाजिक इकाई नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया कि वे पारिवारिक संरचना को मजबूत बनाएं और जिम्मेदारी का भाव विकसित करें। इससे ना केवल व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

निष्कर्ष

RSS प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान हमें यह याद दिलाता है कि पारिवारिक मूल्यों को समझना और उपयुक्त संबंध स्थापित करना कितना जरूरी है। लिव-इन रिलेशनशिप के निर्माण होने वाले विचारों और उनके असंगत प्रभावों को समझते हुए, हमें सामूहिक जिम्मेदारियों का पुनरावलोकन करना होगा।

इसके अतिरिक्त, परिवार की भूमिका पर चर्चा करते हुए हमें यह भी समझना चाहिए कि एक स्वस्थ पारिवारिक जीवन समाज को स्थिरता और सार्थकता प्रदान करता है।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध
अनुषा तिवारी