धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को राखी भेजकर याद किया धराली आपदा का साया

अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को भावुक पत्र के साथ भेजी राखी धराली आपदा के दौरान हुई मुलाकात को किया याद धराली में दुपट्टे के टुकड़े से बांधी थी सीएम धामी को राखी रक्षाबंधन के अवसर पर अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी भेजी है। इसके साथ उन्होंने […]

धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को राखी भेजकर याद किया धराली आपदा का साया

धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को राखी भेजकर याद किया धराली आपदा का साया

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कम शब्दों में कहें तो, अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक भावुक पत्र और राखी भेजी है, जिसमें उन्होंने पिछले वर्ष धराली में आई आपदा के दौरान उनकी मदद के पल को याद किया है।

धराली आपदा की दास्तान

अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर मुख्यमंत्री धामी को राखी भेंट की है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को एक भावनात्मक पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने धराली में पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान मुख्यमंत्री से हुई बातचीत को याद किया। इस आपदा के दौरान, मुख्यमंत्री ने कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे लोगों की हिम्मत बढ़ाई थी।

धनगौरी ने बताया कि वह पिछले वर्ष रक्षाबंधन के समय उत्तराखंड आई थीं और उसी दौरान धराली में बाढ़ में फंस गई थीं। मुख्यमंत्री धामी आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे थे और उन्होंने वहां फंसे लोगों से मिलने का अवसर प्राप्त किया।

दुपट्टे से बनी राखी

धनगौरी ने उस यादगार पल के बारे में कहा, "उस समय रक्षाबंधन नजदीक था और मुख्यमंत्री ने मुझसे कहा था कि अगर मेरे पास राखी हो तो वो मुझे राखी बांधने के लिए तैयार हैं। उस वक्त मैं राखी नहीं ले आई थी, इसलिए मैंने अपने दुपट्टे का छोटा सा टुकड़ा फाड़कर उन्हें राखी के रूप में उनकी कलाई पर बांध दिया।" इस अनोखे रिश्ते की शुरुआत यहीं से हुई।

धनगौरी की भावनाएं

अपने पत्र में, धनगौरी ने लिखा कि उसी दिन से उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपना धर्म भाई मान लिया था। उनके लिए वह मुलाकात आज भी बेहद खास है, जिसे वह कभी नहीं भुला सकतीं। "धनगौरी ने आगे कहा कि उस कठिन समय में मुख्यमंत्री धामी ने लोगों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हम इस आपदा से लड़ेंगे," उन्होंने भगवान श्री कृष्ण और द्रौपदी का उदाहरण देकर बताया कि कैसे कृष्ण ने द्रौपदी की मदद की, उसी प्रकार मुख्यमंत्री धामी ने उनकी मदद की।

रक्षाबंधन का संदेश

धनगौरी ने कहा कि इस वर्ष वह अहमदाबाद में हैं, लेकिन उन्होंने अपने भाई को राखी भेजना नहीं भूलाई। उन्होंने इस भाव के साथ मुख्यमंत्री धामी को राखी भेजी है, जो उनके प्रति उनके सम्मान और स्नेह को दर्शाती है।

पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु रहने की कामना की और कहा कि वह इसी तरह उत्तराखंड और प्रदेश की जनता की सेवा करते रहें।

यह भाई-बहन का रिश्ता, जो धराली की आपदा के दौरान एक दुपट्टे के टुकड़े से शुरू हुआ, धनगौरी के लिए आज भी उतना ही खास है और यह आस्था व विश्वास की एक प्रेरक कहानी है।

इस रक्षाबंधन पर भाई-बहन के इस अनोखे और भावनात्मक रिश्ते की कहानी हमें यह सिखाती है कि कठिन समय में भी कैसे एक-दूसरे का सहारा बनकर हम आगे बढ़ सकते हैं।

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सादर,

टीम धर्म युद्ध, साक्षी वर्मा