धार्मिक पर्यटन सर्किट का निर्माण: नीम करौली बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़ने की योजना
देहरादून। नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश की सफलता के बाद उत्तराखंड सरकार ने बाबा से जुड़े प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में बाबा के निवास, साधना और आश्रमों […]
धार्मिक पर्यटन सर्किट का निर्माण: नीम करौली बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़ने की योजना
देहरादून। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म हनुमान अंश की सफलता के बाद, उत्तराखंड सरकार ने नीम करौली बाबा से संबंधित धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों को एक संगठित पर्यटन सर्किट के तहत विकसित करने की योजना बनाई है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि इस सर्किट को ‘नीम करौली महाराज दर्शन सर्किट’ नाम दिया जाएगा, जिसमें बाबा के निवास, साधना और आश्रमों से जुड़े प्रमुख स्थलों को शामिल किया जाएगा। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh
सर्किट में शामिल प्रमुख स्थलों की सूची
इस प्रस्तावित सर्किट का केंद्र बिंदु नैनीताल जिले के भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित कैंची धाम होगा, जो नीम करौली बाबा से जुड़ा सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल माना जाता है। यहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं। इसके अलावा, काकड़ी घाट और ऋषिकेश स्थित बाबा के अन्य स्थलों को भी इस सर्किट में शामिल किया जाएगा।
आध्यात्मिक स्थलों की पहचान
काकड़ी घाट को नीम करौली बाबा की साधना का प्रमुख स्थल माना जाता है, यहां एक प्राचीन शिव मंदिर भी मौजूद है। ऋषिकेश में स्थित आश्रम भी आध्यात्मिक यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके अतिरिक्त, भूमियाधार और हनुमान गढ़ी जैसे अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को सर्किट में शामिल करने की योजना है।
स्थानीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इन स्थलों को एक व्यवस्थित सर्किट के माध्यम से जोड़ने से कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा के जीवन, साधना और उनसे जुड़े अन्य प्रमुख स्थानों के बारे में समझने का मौका मिलेगा। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों को जोड़ने की योजना
यह सर्किट केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश में नीम करौली बाबा से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को भी शामिल किया जाएगा। जैसे मथुरा के वृंदावन में बाबा का आश्रम और समाधि मंदिर, लखनऊ, अकबरपुर (फिरोजाबाद) और कानपुर में भी बाबा से जुड़े स्थलों को जोड़ा जाएगा।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पहल के लिए स्वीकृति ली गई है ताकि दोनों राज्यों के बीच एक व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सके।
फिल्म की सफलताः धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं
नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश की सफलता ने बाबा से जुड़े स्थलों को लेकर लोगों की रुचि बढाई है। इस सम्मान में, सरकार धार्मिक पर्यटन के अवसरों को और विस्तारित करने के लिए कृतसंकल्प है। प्रस्तावित सर्किट से श्रद्धालुओं को बाबा के जीवन, साधना और उनके प्रमुख आश्रमों तक पहुंचने के लिए एक व्यवस्थित मार्ग प्राप्त होगा।
सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री:
“हम कैंची धाम के साथ काकड़ी घाट, ऋषिकेश और नीम करौली बाबा के अन्य निवास और साधना स्थलों को शामिल करते हुए एक सर्किट बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को भी इसमें शामिल करने के लिए वहां की सरकार से अनुरोध किया गया है।”
कम शब्दों में कहें तो, नीम करौली बाबा से जुड़े स्थलों को जोड़ने वाला यह धार्मिक पर्यटन सर्किट मार्ग श्रद्धालुओं को नई आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाने का प्रयास है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय रूप से भी ये स्थल अपनी महत्वता बढ़ाएंगे।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध सुश्री अंजलि शर्मा