23 दिन में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में दो लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता
*23 दिन में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में दो लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता* *16 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर निस्तारण* *1,11,326 नागरिकों ने उठाया विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ* *सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा की सशक्त मिसाल बन रहा जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम* मुख्यमंत्री पुष्कर […] The post 23 दिन में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में दो लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
*23 दिन में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में दो लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता*
*16 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर निस्तारण*
*1,11,326 नागरिकों ने उठाया विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ*
*सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा की सशक्त मिसाल बन रहा जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम राज्य में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा की सशक्त मिसाल बनकर उभरा है। 23 दिन पूर्व 17 दिसंबर से शुरू हुए इस कार्यक्रम के तहत अब तक उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में कुल 300 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनका उद्देश्य शासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है, जिससे वर्षों से लंबित मामलों के समाधान के साथ-साथ जनता का शासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। अब तक आयोजित शिविरों में 1,97,522 नागरिकों ने सहभागिता कर अपनी समस्याएं, सुझाव और आवश्यकताएं संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखीं।
कार्यक्रम के दौरान आमजन से 22,645 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 16,000 से अधिक शिकायतों का निस्तारण मौके पर अथवा निर्धारित समयसीमा के भीतर कर दिया गया है, जबकि शेष शिकायतों पर भी नियमानुसार कार्रवाई प्रगति पर है। यह आंकड़े राज्य सरकार की तत्परता, जवाबदेही और कार्यसंस्कृति में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाते हैं।
इसके अतिरिक्त, शिविरों में विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए 31,070 आवेदन प्राप्त किए गए, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से राहत मिली है। वहीं, प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से 1,11,326 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया, जिससे सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता और आजीविका से जुड़े प्रयासों को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्रीपुष्कर सिंह धामी जी के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम केवल शिकायत निवारण तक सीमित न रहकर, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने और सुशासन को जमीनी स्तर पर सशक्त करने का एक प्रभावी मंच बन रहा है।
राज्य सरकार का संकल्प है कि इस अभियान को निरंतर और व्यापक रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित हो सके तथा उत्तराखंड में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
The post 23 दिन में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में दो लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.