छत्तीसगढ़ में कैट की स्थायी बेंच न होने पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, केंद्र से तीन सप्ताह में शपथपत्र जमा करने का आदेश

वीरेन्द्र गहवई, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की स्थायी बेंच नहीं होने पर छत्तीसगढ़ सीनियर लॉयर फोरम, बिलासपुर

छत्तीसगढ़ में कैट की स्थायी बेंच न होने पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, केंद्र से तीन सप्ताह में शपथपत्र जमा करने का आदेश
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छत्तीसगढ़ में कैट की स्थायी बेंच न होने पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख

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कम शब्दों में कहें तो, छत्तीसगढ़ में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की स्थायी बेंच न होने के कारण हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ा निर्देश देते हुए तीन सप्ताह में शपथपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

बिलासपुर की स्थिति

वीरेन्द्र गहवई, बिलासपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ सीनियर लॉयर फोरम की ओर से कैट की स्थायी बेंच की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। इस मुद्दे पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए थे।

हाईकोर्ट की कार्रवाई

हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए केंद्र सरकार को तीन सप्ताह का समय दिया है ताकि वह इस विषय पर एक शपथपत्र प्रस्तुत करे। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि समय पर जवाब नहीं दिया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। हाईकोर्ट का यह कदम न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने के लिए आउटलुक को दर्शाता है।

कैट की अत्यावश्यकता

छत्तीसगढ़ में कैट की स्थायी बेंच की आवश्यकता को लेकर विभिन्न वकीलों, विशेषज्ञों और कानूनी पंडितों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि बिना स्थायी बेंच के केसों के निपटारे में काफी देरी होती है। इससे न्याय की प्रक्रिया प्रभावित होती है और आम नागरिकों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

लॉयर फोरम की पहल

छत्तीसगढ़ सीनियर लॉयर फोरम ने इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनका कहना है कि कैट की स्थायी बेंच की अनुपस्थिति से न्यायालयों में बहुत अधिक मामला लम्बित हो जाता है। इसके चलते नागरिकों को अपने हक के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। इस पृष्ठभूमि में, न्यायालय ने सरकार को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है।

भविष्य की दिशा

अब हाईकोर्ट का यह आह्वान सरकार के लिए चुनौती है और लोगों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हुई हैं कि केंद्र सरकार इस आदेश को गंभीरता से लेगी। कैट की स्थायी बेंच के शीघ्र गठन से न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी और आम जनता को राहत मिलेगी।

हमें उम्मीद है कि आगामी तीन सप्ताह में केंद्र सरकार उचित कदम उठाएगी और छत्तीसगढ़ के कानूनी तंत्र में सुधार के लिए आवश्यक शपथपत्र प्रस्तुत करेगी।

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Signed off by, शुभा रॉय, Team Dharm Yuddh