नेस्ले इंडिया द्वारा सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहनों का CSR योगदान

मुख्यमंत्री के आह्वान पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में सहयोग के लिए आगे आया कॉरपोरेट सेक्टर नेस्ले इंडिया ने सीएसआर के तहत उपलब्ध कराए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन मुख्यमंत्री ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा में ठोस एवं […]

नेस्ले इंडिया द्वारा सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहनों का CSR योगदान

नेस्ले इंडिया ने सीएसआर के तहत उपलब्ध कराए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन

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कम शब्दों में कहें तो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर नेस्ले इंडिया ने सीएसआर के अंतर्गत सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहनों का योगदान दिया है, जिससे ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में खटीमा में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें से सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन नेस्ले इंडिया द्वारा CSR के तहत प्रदान किए गए हैं। इन वाहनों का उद्देश्य स्थानीय समुदायों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करना और पर्यावरण संरक्षण में सहायता करना है।

नेस्ले इंडिया द्वारा इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहनों का विवरण

नेस्ले इंडिया ने विशेष रूप से धर्मपुर, छत्तरपुर, बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा), कीरतपुर, बागवाला, दानपुर और नगला तराई क्षेत्रों के लिए एक-एक इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन उपलब्ध कराया है। इस अवसर पर, ब्रिटानिया की ओर से स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सामग्री भी प्रदान की गई।

स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ करने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री धामी ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन करने के लिए आधुनिक संसाधनों, जनभागीदारी और कॉरपोरेट सेक्टर के सहयोग की आवश्यकता है।

ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता मॉडल

मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर विकसित किया जा रहा सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल स्वच्छता व्यवस्था को लक्षित रूप से अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा। उनका कहना है कि कचरा संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित किया जाए।

अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना

मुख्य विकास अधिकारी दिवेश सासनी ने जानकारी दी कि जनपद ऊधम सिंह नगर की 373 ग्राम पंचायतों में 71 क्लस्टरों के माध्यम से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत नगर निकायों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों और प्रमुख स्थानीय बाजारों में नियमित कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण के लिए संबंधित नगर निकायों के साथ समझौता किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कुल 231 वाहनों का बेड़ा तैयार किया गया है। इसमें 134 ई-रिक्शा, 75 ट्रैक्टर-ट्रॉली और CSR एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए वाहन शामिल हैं।

गौरवपूर्ण उपस्थिति

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया सहित कई अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। उनका सहयोग इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

अंततः, यह पहल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देती है बल्कि कॉरपोरेट दायित्व भी निभाती है। नेस्ले इंडिया की इस पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रिया में एक सकारात्मक बदलाव आएगा। ऐसा कदम अन्य कंपनियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है।

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धन्यवाद, टीम धर्म युद्ध, द्वारा स्नेहा कुमारी