देहरादून में नर्सिंग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन: चार महिला अभ्यर्थियों ने किया आत्महत्या का प्रयास

देहरादून। उत्तराखंड में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से आंदोलनरत नर्सिंग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बुधवार को उस समय गंभीर मोड़ पर पहुंच गया, जब स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान चार महिला अभ्यर्थियों ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया। घटना […]

देहरादून में नर्सिंग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन: चार महिला अभ्यर्थियों ने किया आत्महत्या का प्रयास
देहरादून। उत्तराखंड में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से आंदोलनरत नर्सिंग अभ्यर

देहरादून में नर्सिंग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन: चार महिला अभ्यर्थियों ने किया आत्महत्या का प्रयास

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में नर्सिंग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन गंभीर मोड़ पर पहुंच गया जब चार महिला अभ्यर्थियों ने आत्महत्या का प्रयास किया। यह घटना स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के सरकारी आवास के बाहर हुई, जिसने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है।

प्रदर्शन का कारण

उत्तराखंड में नर्सिंग अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। बुधवार को जब वे स्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर इकट्ठा हुए, तो मामला गंभीर हो गया।

आत्महत्या का प्रयास

प्रदर्शनकारियों में चार महिला अभ्यर्थियों ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने तुरंत चारों महिलाओं को दून अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक अभ्यर्थी की स्थिति गंभीर है।

महिलाओं का बयान

प्रदर्शन कर रही एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि वे स्वास्थ्य मंत्री से मिलने आई थीं, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होंने कहा, "आठ महीने से हम आंदोलन कर रहे हैं, फिर भी सरकार ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया।" यह उनके लिए एक बेहद दुखद स्थिति है और इसके परिणामस्वरूप उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा।

भर्ती प्रक्रिया की मुख्य मांगें

नर्सिंग अभ्यर्थियों की मुख्य मांग यह है कि भर्ती प्रक्रिया वर्षवार यानी वरिष्ठता के आधार पर पूरी की जाए। उनका कहना है कि कितने लंबे समय तक वे इंतज़ार करें, और इस देरी के कारण कई अभ्यर्थियों की आयु सीमा प्रभावित होती जा रही है। कुछ अभ्यर्थियों को मजबूरन निजी संस्थानों में काम करने पर भी विचार करना पड़ रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि संगठन के प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचकर महिलाओं का हालचाल ले रहे हैं।

उत्तराखंड की नर्सिंग अभ्यर्थियों की यह स्थिति राज्य सरकार के लिए एक चुनौती है, और सरकार को अब इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इस मामले को यदि जल्द से जल्द सुलझाया नहीं गया, तो इससे और भी अधिक गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

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सादर,

टीम धर्म युद्ध

राधिका शर्मा