महिला दिवस और होली के उपलक्ष्य में आयोजित सरस काव्य गोष्ठी, शिक्षिका-कवयित्री राजबाला धैर्य का सम्मान
फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘कवि गोष्ठी आयोजन समिति‘ के तत्वावधान में बदायूं रोड स्थित साउथ सिटी में सुकवि मिलन कुमार 'मिलन' के संयोजन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं होली के उपलक्ष्य में सरस काव्य संध्या, होली मिलन एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ […] The post होली और महिला दिवस पर सरस काव्य गोष्ठी, शिक्षिका-कवयित्री राजबाला धैर्य का अभिनन्दन भी appeared first on Front News Network.
महिला दिवस और होली के उपलक्ष्य में आयोजित सरस काव्य गोष्ठी, शिक्षिका-कवयित्री राजबाला धैर्य का सम्मान
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कम शब्दों में कहें तो, बरेली में ‘कवि गोष्ठी आयोजन समिति’ की ओर से होली और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षिका और कवयित्री राजबाला धैर्य को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘कवि गोष्ठी आयोजन समिति‘ के तत्वावधान में बदायूं रोड स्थित साउथ सिटी में सुकवि मिलन कुमार 'मिलन' के संयोजन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं होली के उपलक्ष्य में सरस काव्य संध्या, होली मिलन एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह की अध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ 'धीर' ने की, जबकि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवयित्री शिव रक्षा पांडेय और विशिष्ट अतिथि प्रख्यात कवि डॉ. मुकेश 'मीत' रहे। कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। माँ वाणी की सरस-मधुर वंदना पुष्पा गंगवार 'पूनम' ने प्रस्तुत की।

महिला जागृति सम्मान से नवाजा गया राजबाला धैर्य को
इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों के लिए अनूठा कार्य कर रहीं शिक्षिका और वरिष्ठ कवयित्री राजबाला 'धैर्य' को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए 'महिला जागृति सम्मान' से सम्मानित किया गया। साथ ही, साहित्यकार बृजेन्द्र तिवारी 'अकिंचन' को 'काव्य शिरोमणि सम्मान' से विभूषित किया गया। सम्मान के रूप में इन दोनों विभूतियों को शॉल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

कविता पाठ और होली मिलन का आनंद
फगुनाय मौसम का उतरता रंग और बासंती हवा का सुगंधित उन्माद होली में स्नेह और अपनेपन का आनंद बिखेर रही है। इसी श्रृंखला में एक दिवस और जुड़ गया जब होली मिलन कार्यक्रम में फूलों से होली खेलकर कवि आपस में गले मिले और अपने सरस काव्य पाठ से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मानित कवयित्री राजबाला 'धैर्य' ने नारी सम्मान में अपनी रचना प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने कहा:
धर्म संगिनी, कर्म संगिनी, रिश्तों की मर्यादा ढोती।
हँसी बाँटकर सारे घर को, छुप-छुप आप अकेले रोती।
एक नहीं दो- दो मात्राएँ, नारी होती नर से भारी।
महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता
संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने कहा कि महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और संघर्ष आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि महिलाएं केवल आत्मनिर्भरता का अनूठा उदाहरण नहीं हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज की प्रगति का आधार है।
कार्यक्रम का संचालन और उपस्थित लोग
कार्यक्रम में संस्था के सचिव गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, कार्यक्रम संयोजक मिलन कुमार ‘मिलन’, कविता, दीपक मुखर्जी ‘दीप’, डॉ दीपंकर गुप्त, पुष्पा गंगवार ‘पूनम’, बाबूराम वर्मा, रामकुमार अफरोज, मनोज सक्सेना, राजकुमार अग्रवाल, समृद्धि गंगवार, संध्या श्रीवास्तव एवं विवेक विद्रोही आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज दीक्षित ‘टिंकू’ ने किया।
सभी उपस्थित लोग इस आयोजन से प्रसन्न थे और अनेकों प्रतिभाओं का सम्मान किए जाने को एक बड़े सामाजिक कार्य के रूप में मानते हैं। इस तरह की गतिविधियां न केवल साहित्यिक विकास में सहायक होती हैं, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करती हैं।
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— टीम धर्म युद्ध, नीता शर्मा