वन विभाग के बीट गार्डों पर नकारात्मक कृत्यों का गंभीर आरोप, बैगा आदिवासी परिवारों ने की शिकायत

प्रतीक शर्मा, लोरमी। मुंगेली जिले में वन विभाग के बीट गार्डों पर गंभीर आरोप लगे हैं। लोरमी थाना क्षेत्र के

वन विभाग के बीट गार्डों पर नकारात्मक कृत्यों का गंभीर आरोप, बैगा आदिवासी परिवारों ने की शिकायत
प्रतीक शर्मा, लोरमी। मुंगेली जिले में वन विभाग के बीट गार्डों पर गंभीर आरोप लगे हैं। लोरमी थाना क�

वन विभाग के बीट गार्डों पर गंभीर आरोप, बैगा आदिवासी परिवारों ने की पुलिस से शिकायत

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कम शब्दों में कहें तो, मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में वन विभाग के बीट गार्डों पर गंभीर आरोप लगे हैं। बैगा आदिवासी परिवारों ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें मारपीट और अवैध वसूली के आरोप शामिल हैं।

तथ्यों की जांच

प्रतीक शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब बैगा आदिवासी समुदाय के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें वन विभाग के गार्डों द्वारा प्रताड़ित किया गया। बताया जा रहा है कि गार्डों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि कुछ इन्हीं परिवारों से अवैध रूप से पैसे भी वसूले।

आदिवासी परिवारों की आपबीती

वेदना के साथ, आदिवासी परिवारों ने बताया कि वन विभाग के गार्डों ने उन्हें असामाजिक तत्त्वों की तरह पेश किया है। इस घटना की जांच की मांग करते हुए, परिवारों ने स्थानीय पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। वे यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस तरह की अव्यवस्था से न केवल उनकी गरिमा को ठेस पहुंचता है, बल्कि उनके जीवन यापन को भी प्रभावित करता है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस विभाग ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए शिकायत की जांच शुरू कर दी है। लोरमी थाना के अधिकारी ने बताया कि उन्हें इस शर्मनाक कृत्य के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। वह आरोपों की पुष्टि के लिए सभी संबद्ध पक्षों से बयान रिकॉर्ड कर रहे हैं।

समुदाय का समर्थन

ऐसे आरोपों से न केवल बैगा आदिवासी परिवार, बल्कि स्थानीय निवासियों में भी नाराजगी का माहौल है। इस मामले में स्वर्णिम अवसर के तहत शांति और निवारण की व्यवस्था की जा रही है। लोगों का मानना है कि वन विभाग के गार्डों को अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करना चाहिए, न कि इस प्रकार के आपराधिक कृत्यों में शामिल होना चाहिए।

अवसाद का कारण और आगे की कार्रवाई

बैगा समुदाय के सदस्यों ने इसे न केवल व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ा है, बल्कि इसे वन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक हिस्सा भी माना है। अगर जांच के दौरान आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे न केवल आरोपियों की नौकरी पर संकट आएगा, बल्कि यह विषय और भी बड़े स्तर पर उठ सकता है। इस प्रकार के कार्यों को रोकने के लिए सरकार को ज्यादा सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है।

भविष्य में, समुदाय की आवाज को सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी है कि न्याय का पालन भी किया जाए।

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टीम धर्म युद्ध, सबिता देवी