उत्तराखंड कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जानें अहम पहलुओं को

1. परिवहन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंत्रीमण्डल को अनुमोदन। मंत्रीमण्डल द्वारा परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण को लेकर अनुमोदन प्रदान किया गया, जिसमें अब पुलिस विभाग के चालकों के अनुसार, प्रवर्तन चालकों का भी वर्दी का निर्धारण किया गया है। 2. कुम्भ मेला-2027 […] The post उत्तराखंड कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

उत्तराखंड कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जानें अहम पहलुओं को
1. परिवहन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंत्रीमण्डल को अनुमोदन। मं�

उत्तराखंड कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जानें अहम पहलुओं को

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड कैबिनेट ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जो राज्य के विकास, कर्मचारियों की भलाई और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित हैं। इन निर्णयों से न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार होगा, बल्कि इससे राज्य के नागरिकों को भी लाभ होगा। हम यहां इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी पेश कर रहे हैं।

1. परिवहन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इस नियमावली के अनुसार, परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण किया गया है। अब प्रवर्तन चालकों के लिए भी वर्दी का निर्धारण किया गया है, जो पुलिस विभाग के चालकों के अनुरूप होगा।

2. कुम्भ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में होने वाले स्थाई और अस्थाई निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। 01 करोड़ तक के कार्यों को मेलाधिकारी द्वारा और 05 करोड़ तक के कार्यों को आयुक्त गढ़वाल मंडल द्वारा स्वीकृत किया जाएगा। इससे तेजी से निर्माण कार्य संपन्न हो सकेंगे।

3. उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस संशोधन के चलते जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिए जाने वाले निःशुल्क सेवा में ऐसेड अटैक विक्टिंग को भी शामिल किया गया है।

4. औद्योगिक विकास विभाग के तहत उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में पूर्व में खनिज पर निर्धारित रॉयल्टी की दर ₹7 प्रति कुंतल से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल किया गया है। यह निर्णय खनन गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

5. अवकारी नीति के अंतर्गत 6 प्रतिशत वैट की दरों का निर्धारण किया गया था। आबकारी नीति के अनुसार वाणिज्य कर विभाग द्वारा वैट की दरों के संशोधन हेतु प्रस्ताव रखा गया था, जिसे मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी।

6. परिवहन विभाग द्वारा 250 बसों के क्रय के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। यह कदम राज्य के परिवहन सेवाओं को सुधारने और भविष्य के लिए बेहतर योजना तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

7. परिवहन विभाग को पहले 100 बसें खरीदने की अनुमति दी गई थी। अब जीएसटी की दरें 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गई हैं, जिसके चलते अब 100 की जगह 109 बस क्रय करने की अनुमति दी गई।

8. वन विभाग से संबंधित उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 में संशोधन को बोर्ड द्वारा भी मंजूरी दी गई है। इस संशोधन के माध्यम से वन दरोगा के पद के लिए शैक्षिक अर्हताओं में बदलाव किया गया है और आयु सीमा को भी बढ़ाया गया है।

9. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने भी नए शिक्षा अधिनियम, 2025 को लागू किया है, जिसमें अल्पसंख्यक संस्थानों की मान्यता में सुधार किया जाएगा। वर्तमान में राज्य में 452 मदरसे स्थापित हैं जो कक्षा 01 से कक्षा 8 तक की पढ़ाई करते हैं।

10. कार्मिक विभाग ने विभिन्न विभागों में एकल संवर्ग में प्रतीक्षा सूची प्राप्त की है, जिसके अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार की जाएगी।

11. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रजनीश कुमार पांडे बनाम भारत सरकार में पिछले फैसले के आधार पर विशेष शिक्षा शिक्षकों की शैक्षिक अर्हताएं निर्धारित की गई हैं।

12. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 का प्रख्यापन भी मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति दी गई है। इसके द्वारा 62 पदों के नियमावली का प्रख्यापन किया जाएगा।

13. लोक निर्माण विभाग में दिव्यांग श्रेणी के 07 पदों की भर्ती को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जो कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।

14. वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन प्रदान करने के संबंध में भी निर्णय लिया गया है, जो कि उच्च न्यायालय के स्थगन आदेशों के अनुसार किया जाएगा।

15. उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2025 के अंतर्गत ‘डी‘ श्रेणी के ठेकेदारों के लिए निविदा सीमा को 01 करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ किया गया है।

16. मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का विस्तार किया गया है, ताकि अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में भी इसे लागू किया जा सके।

17. वन विभाग द्वारा मौन पालन की नीति को मंत्रीमण्डल ने स्वीकृति दी है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। यह नीति मानव और हाथी संघर्ष के बीच सामंजस्य स्थापित करने में भी मदद करेगी। राज्य के 70 प्रतिशत क्षेत्र वन से आच्छादित है, जिससे मौन पालन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

इन निर्णयों से उत्तराखंड राज्य की प्रशासनिक और सामाजिक संरचना को नई दिशा मिलेगी। समय के साथ इन योजनाओं का कार्यान्वयन देखने लायक होगा। और अधिक अद्यतनों के लिए, यहां क्लिक करें.

टीम धर्म युद्ध - प्रियंका शर्मा