Uttarakhand में 4800 करोड़ का निवेश प्रस्ताव: 10 हजार नई नौकरियाँ मिलने की संभावना
एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। सिंगल विंडो प्रणाली के तहत करीब 4800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है, जिससे प्रदेश में 10 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। बुधवार […]
Uttarakhand में 4800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मंजूर, 10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर
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कम शब्दों में कहें तो, Uttarakhand राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 4800 करोड़ रुपये के बड़े निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, जिससे 10,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में औद्योगिक वातावरण को सुधारने के लिए प्रदेश की सरकार ने हाल ही में निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की 65वीं बैठक में इस स्वीकृति को प्रदान किया गया। इस बैठक में कई औद्योगिक और पर्यटन परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है, जो न केवल निवेश लाएँगी बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेंगी।
निवेश प्रस्तावों की रेखांकित विशेषताएँ
बैठक में ऊधमसिंह नगर में ऑटोमोबाइल वायरिंग पार्ट्स निर्माण के लिए यजाकी इंडिया के 650 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। यह निवेश स्थानीय उद्योगों को विस्तार देने और रोजगार के नए अवसर प्रदान करने में सहायक होगा।
इसके अलावा, ल्यूमिनस पावर टेक्नोलॉजी को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण के लिए 350 करोड़ रुपये के निवेश की अनुमति मिली है। यह कदम तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।
हरिद्वार में पतंजलि फूड लिमिटेड द्वारा 1400 करोड़ रुपये की लागत से एक फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में फलों से निर्मित विभिन्न खाद्य उत्पादों का उत्पादन होगा, जिससे स्थानीय किसानों और व्यवसायियों को एक नई दिशा मिलेगी।
सरकार ने पौड़ी जिले में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े पर्यटन रिजॉर्ट के निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना न केवल पर्यटन पर्यटन में वृद्धि करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
समस्याओं का समाधान और समय सीमा
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) के मामलों में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सिंगल विंडो प्रणाली के तहत लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सिंगल विंडो प्रणाली के अंतर्गत मिलने वाली स्वीकृतियों के लिए 15 और 30 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है, जिसे सभी विभागों को पालन करना होगा। इससे न केवल प्रशासनिक काम में तेजी आएगी बल्कि निवेशकों को भी त्वरित सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।
इस बैठक में सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, डॉ. वी. षणमुगम, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उद्योग महानिदेशक सौरभ गहरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सभी अधिकारी ने मिलकर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की दिशा में चर्चा की।
इस प्रकार, Uttarakhand सरकार के इन निवेश प्रस्तावों से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों की वृद्धि भी होगी। यह राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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कृतज्ञता सहित,
टीम धर्म युद्ध
साक्षी वर्मा