उत्तराखंड: डिजिटल मतदाता सूची सौंपी गई, 100 फॉर्म-6 प्राप्त हुए

*ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद राजनैतिक दलों से सीईओ ने किया विमर्श* – मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों को सौंपी ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति – प्रत्येक बीएलओ के पास उपलब्ध रहेंगे 100-100 फार्म 6 – किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए एक व्यक्ति द्वारा फार्म 7 पर अधिकतम 5 आक्षेप […]

उत्तराखंड: डिजिटल मतदाता सूची सौंपी गई, 100 फॉर्म-6 प्राप्त हुए
*ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद राजनैतिक दलों से सीईओ ने किया विमर्श* – मान्यता प्राप्त राष�

ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल कॉपी राजनीतिक दलों को सौंपी गई, BLO को मिले 100-100 फॉर्म-6

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति चार प्रमुख राजनीतिक दलों को सौंपी गई है और बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को 100-100 फॉर्म 6 उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे मतदाता अपनी उचित पहचान कर सकें और किसी भी विसंगति को हल कर सकें।

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम ने सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक के दौरान, उन्होंने 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति सभी उपस्थित प्रतिनिधियों को सौंपी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के पहले चरण के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

डिजिटल मतदाता सूची बैठक का दृश्य

विशेष गहन पुनरीक्षण का प्राथमिक चरण

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के पहले चरण के पूर्ण होने के बाद, 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया है, जिसमें 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। इस समय लगभग 8 लाख 26 हजार मतदाता A SD श्रेणी में पाये गए हैं।

उन्होंने बताया कि पहले 11,733 मतदान केंद्र थे, जबकि वर्तमान में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 12,543 हो गई है। इस वृद्धि से मतदाताओं को मतदान के लिए और अधिक सुविधाएं मिलेंगी। इसके अंतर्गत, प्रत्येक बीएलओ (BLO) को 100-100 फॉर्म 6 प्रदान किए जाएंगे, ताकि नागरिक अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

आपत्ति और दावे दर्ज करने का समय

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में कहा कि आयोग द्वारा मतदाताओं के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच फार्म 6, 7, और 8 पर दावे एवं आपत्तियों को प्रस्तुत करने का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए अधिकतम 5 आक्षेप़ ही प्रस्तुत किए जा सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति 5 से अधिक आक्षेप प्रस्तुत करता है, तो ईआरओ (निर्वाचन रिटर्निंग ऑफिसर) उस मामले की व्यक्तिगत जांच करेगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए गए नोटिसों की अवधि 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक रखी है, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अद्यतन सूची में से लगभग 19 लाख मतदाताओं में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं, जिनके लिए संबंधित ईआरओ/एईआरओ द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे।

बैठक में शामिल अधिकारी और दलों के प्रतिनिधि

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी उपस्थित रहे। इसके अलावा भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बीएसपी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

राजनीतिक दलों से यह अनुरोध किया गया कि वे नोटिस फेज में बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के साथ सक्रिय भागीदारी करें, ताकि लोकतंत्र को सशक्त बनाया जा सके।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध
(प्रिया शाह)