‘जलपुरुष’ बरार की अगुआई में खमरिया घाट पर 11वीं बार कारसेवा कर किसानों ने बनाया कच्चा बांध
उप्र सरकार जल्द शुरू करवा सकती है खमरिया घाट पर पक्के बांध का निर्माण कार्य तगड़ी पैरवी में लगे हैं बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा गणेश ‘पथिक’चीफ रिपोर्टरफ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। शीशगढ़ के पास स्थित मीरगंज तहसील के ग्राम खमरिया में पश्चिम बहगुल नदी पर लगातार 11वें साल […] The post ‘जलपुरुष’ बरार की अगुआई में 11वीं साल भी कारसेवा कर किसानों ने खमरिया घाट पर बनाया कच्चा बांध appeared first on Front News Network.
‘जलपुरुष’ बरार की अगुआई में खमरिया घाट पर 11वीं बार कारसेवा कर किसानों ने बनाया कच्चा बांध
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कम शब्दों में कहें तो, उप्र सरकार खमरिया घाट पर जल्द पक्के बांध का निर्माण शुरू करवा सकती है। इसके लिए बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा की तगड़ी पैरवी जारी है।
गणेश 'पथिक' द्वारा रिपोर्ट - बरेली। मीरगंज तहसील के खमरिया गांव के किसानों ने पश्चिम बहगुल नदी पर लगातार 11वें वर्ष सामूहिक श्रमदान (कारसेवा) के तहत एक कच्चा बांध बनाया है। यह कार्य 85 वर्षीय किसान नेता और पूर्व विधायक जयदीप सिंह बरार के नेतृत्व में दो माह की मेहनत से पूर्ण हुआ है। इस कच्चे बांध के निर्माण से न केवल किसानों की जल संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि आने वाले महीनों में कृषि गतिविधियों के लिए भी फायदा होगा।

इस काम में खमरिया के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया है। पिछले दो महीनों से इलाके के किसान-मजदूर अपना काम छोड़कर श्री बरार के नेतृत्व में इस कार्य में जुटे रहे। कच्चा बांध बनने के बाद, रामपुर जनपद के 15 गांवों और मीरगंज एवं बहेड़ी तहसीलों के 150 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को अगले पांच-छह महीनोंतक सिंचाई के लिए पर्याप्त जल प्राप्त होगा।
जयदीप सिंह बरार का यह प्रयास सदियों से चल रहे जल संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने हमेशा किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है और उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान निकालने में सक्रिय रहे हैं। उन्हीं की प्रेरणा से यह कार्य संभव हुआ है, जिसके चलते उन्हें 'रूहेलखंड क्षेत्र का जलपुरुष' कहा जाता है।

जल संरक्षण में बरार की भूमिका
जयदीप सिंह बरार का जल संरक्षण अभियान पिछले कई वर्षों से लगातार चल रहा है। प्रशासन भी उनके प्रयासों की सराहना कर रहा है और अब इसे गंभीरता से ले रहा है।

ईको टूरिज्म की दिशा में कदम
खमरिया बांध को ईको टूरिज्म स्पॉट में विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है। पिछले साल, पूर्व मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल इस स्थान की खूबसूरती से प्रभावित हुई थीं। उनके प्रयासों के कारण इस स्थान को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की चर्चा तेज हुई है।

समर्थन और नीति पहल
सरकार ने भी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए बजट की मंजूरी देने का आश्वासन दिया है। बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा इस बांध के निर्माण की प्रक्रिया को ускорित करने के लिए आवश्यक बजट और संसाधनों के लिए लगातार पैरवी कर रहे हैं।

अगर सब कुछ सुचारू रहा, तो निकट भविष्य में उप्र सरकार खमरिया घाट पर पक्के बांध का निर्माण कार्य शुरू कर सकती है, जो किसानों और क्षेत्र की जल प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
किसानों और प्रमुख हस्तियों के इस सहयोगात्मक प्रयास ने जल संकट को कम करने और क्षेत्र की कृषि को सुरक्षित रखने की दिशा में एक नया अध्याय लिखा है।
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सादर, नंदिता शर्मा
टीम धर्म युद्ध