उत्तराखंड में फर्जी क्रिकेट लीग की पोल खुली, 32 लाख की ठगी के आरोपी गिरफ्तार
एफएनएन, हल्द्वानी: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गौलापार (हल्द्वानी) में प्रस्तावित एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग (EVCL) के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोप है कि आयोजक ने पूर्व विधायक और हरियाणा के एक व्यक्ति से 32 लाख रुपए की ठगी की. जिस पर अब पुलिस ने आरोपी आयोजक को गिरफ्तार […] The post क्रिकेटरों को झांसा देकर 32 लाख हड़पे, उत्तराखंड में फर्जी लीग का पर्दाफाश appeared first on Front News Network.
उत्तराखंड में फर्जी क्रिकेट लीग की पोल खुली, 32 लाख की ठगी के आरोपी गिरफ्तार
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कम शब्दों में कहें तो, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गौलापार में ठगी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसमें आयोजक ने क्रिकेटरों को झांसा देकर 32 लाख रुपए की ठगी की। नैनीताल पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्त में लिया है।
फर्जी आयोजक की गिरफ्तारी: हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग (EVCL) के नाम पर ठगी करने वाले आयोजक विकास ढाका को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी ठगी के शिकार हुए दो नामचीन क्रिकेट टीम मालिक थे, जिन्होंने उससे मिलकर कुल 32 लाख रुपये का लेन-देन किया। पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए उसके बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है।
शिकायत के अनुसार, पूर्व विधायक नारायण पाल और हरियाणा के निवासी हेमंत शर्मा ने आरोप लगाया था कि विकास ढाका ने उन्हें लीग की आयोजन और प्रतिष्ठित खिलाड़ियों की भागीदारी का झांसा देकर ठगा। इस शिकायत के आधार पर काठगोदाम थाने में मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया: 5 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के बाद नैनीताल की एसएसपी मंजूनात टीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस ने 6 फरवरी को विकास ढाका को काठगोदाम के मल्ला इलाके से गिरफ्तार किया। अब उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
फर्जीवाड़े के तरीके: विकास ढाका ने अपनी योजना में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों जैसे हरभजन सिंह और इरफान पठान की भागीदारी का झांसा दिया। उसने हेमंत शर्मा से यूपी वॉरियर्स टीम की फ्रेंचाइजी के लिए 23 लाख रुपये और नारायण पाल से उत्तराखंड सोल्जर्स टीम के लिए 9 लाख रुपये वसूल किए। हालांकि, जब 1 फरवरी 2026 को टूर्नामेंट शुरू नहीं हुआ और खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं मिली, तब दोनों ने ठगी की संदेह बढ़ा।
जांच में पता चला कि विकास ढाका के पास लीग के लिए कोई आधिकारिक विज्ञापन या सामग्री नहीं थी, जिससे उसकी ठगी और स्पष्ट हो गई।
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सहयोगी टीम द्वारा: स्मिता शर्मा, Team Dharm Yuddh