तुंगनाथ की डोली मक्कूमठ से रवाना, 22 अप्रैल को तिरस्कृत कपाट खुलेंगे
रुद्रप्रयाग/देहरादून: पंच केदारों में तृतीय केदार के रूप में विश्व विख्यात भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ मक्कूमठ से विधि-विधान के साथ कैलाश के लिए रवाना हो गई. चन्द्र शिला शिखर की तलहटी में स्थित तुंगनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ शुभ […] The post तुंगनाथ की डोली रवाना, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
तुंगनाथ की डोली मक्कूमठ से रवाना, 22 अप्रैल को तिरस्कृत कपाट खुलेंगे
रुद्रप्रयाग/देहरादून:
कम शब्दों में कहें तो, पंच केदारों में तीसरे केदार भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ मक्कूमठ से विधि-विधान के साथ कैलाश के लिए रवाना हो गई। तुंगनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलने जा रहे हैं। इस अवसर पर भक्तों में खासा उत्साह देखा गया है।
डोली के प्रस्थान के समय पूरे क्षेत्र में धार्मिक भक्ति और उल्लास का माहौल था। ब्रह्म बेला में विद्वान आचार्यों ने पंचांग पूजन के साथ अनेक मंत्र जाप किए, जिससे भगवान तुंगनाथ और तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। इसके बाद डोली का भव्य श्रृंगार किया गया और आरती के साथ इसका प्रस्थान हुआ।
भक्ति और आस्था का जलवा
महिलाओं ने मांगल गीत गाकर और श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ डोली की अगुवाई की। भक्तों ने फूल, अक्षत और लाल-पीले वस्त्र अर्पित किए, और ऊर्जित होकर मनौतियां मांगी। यात्रा के दौरान डोली खेत-खलिहानों से होते हुए पुढखी नामक स्थान पर पहुँची, जहाँ ग्रामीणों ने नए अन्न का भोग अर्पित कर क्षेत्र की खुशहाली और विश्व शांति की कामना की।
यात्रा की दिशा और कार्यक्रम
डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित ने जानकारी दी है कि 21 अप्रैल को डोली भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान कर पाव, चिलियाखोड़, पंगेर और बनियाकुंड होते हुए चोपता में अंतिम रात्रि प्रवास करेगी। इसके बाद 22 अप्रैल को धाम पहुंचकर भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
लोक आस्था और श्रद्धा का संगम
इस विशेष अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, खुशहाल सिंह नेगी, आचार्य लम्बोदर प्रसाद मैठाणी, मठापति मुकेश मैठाणी, और पूर्व मठापति राम प्रसाद मैठाणी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। तुंगनाथ डोली यात्रा क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक परंपरा, लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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Team Dharm Yuddh, आर्या शर्मा