देहरादून में बोरे में मिली लाश के रहस्य का खुलासा, पति ने किया हत्या स्वीकार

देहरादून,  प्रेमनगर थाना क्षेत्र के माडूंवाला जंगल में बालासुंदरी मंदिर परिसर के पास 11 मार्च को प्लास्टिक के बोरे (कट्टे) में मिली अज्ञात महिला की लाश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में दून पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 जांच टीमों का गठन किया। […] The post देहरादून में बोरे में मिली लाश का खुलासा, पति निकला हत्यारा appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

देहरादून में बोरे में मिली लाश के रहस्य का खुलासा, पति ने किया हत्या स्वीकार

देहरादून में बोरे में मिली लाश के रहस्य का खुलासा, पति ने किया हत्या स्वीकार

देहरादून, 11 मार्च को प्रेमनगर थाना क्षेत्र के माडूंवाला जंगल में बालासुंदरी मंदिर परिसर के पास प्लास्टिक के बोरे में मिली अज्ञात महिला की लाश का मामला अब सुलझ गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर दून पुलिस ने इस केस की गंभीरता को देखते हुए 8 जांच टीमों का गठन किया था। यह मामला अब एक पारिवारिक विवाद की कहानी में तब्दील हो गया है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh

जांच की शुरुआत

पति ने हत्या की जिम्मेदारी ली

19 मार्च को जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। संदिग्ध रंजीत शर्मा को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की गई। उसने अपनी पहली पत्नी रूपा की हत्या करने की बात को स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पारिवारिक विवाद हत्या का मुख्य कारण बना। रूपा अपने दूसरे पति को छोड़कर रंजीत के पास वापस आ गई थी और उस पर अपनी दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव डाल रही थी।

5 मार्च की रात रंजीत और रूपा के बीच झगड़ा हुआ, जिसके फलस्वरूप रंजीत ने गला दबाकर रूपा की हत्या कर दी। आरोपी ने हत्या के बाद शव को चार दिनों तक अपने कमरे में छिपाकर रखा और फिर 8 मार्च को उसे एक प्लास्टिक कट्टे में डालकर शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी रंजीत शर्मा, जो बिहार के सहरसा जिला का रहने वाला है और वर्तमान में भट्टोवाला, प्रेमनगर में निवास करता है, को गिरफ्तार कर लिया। दून पुलिस के आईजी राजीव स्वरूप और एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने इस मामले का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

पूछताछ में उभरे घटनाक्रम

पूछताछ के दौरान रंजीत ने बताया कि उसका विवाह रूपा से वर्ष 2009 में हुआ था। चार वर्ष पूर्व रूपा किसी अन्य व्यक्ति के साथ भाग गई थी। इसके बाद रंजीत ने एक अन्य महिला सुशीला से विवाह किया और देहरादून में मजदूरी करने लगा।

रूपा पिछले एक वर्ष से अपने बच्चे के साथ वापस आई और रंजीत के संपर्क में आने लगी, जिससे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई। 5 मार्च की रात, रूपा ने रंजीत का फोन छीन लिया और उसे अपनी दूसरी पत्नी से बात न करने के लिए दबाव डाला, जिसके उपरांत उनका विवाद बढ़ गया और अंत में हत्या का रूप ले लिया।

रंजीत का आत्मविश्वास

रंजीत ने यह भी बताया कि रूपा हाल ही में बिहार से आई थी और स्थानीय लोगों को उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। इसी कारण वह आश्वस्त था कि पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पाएगी। लेकिन पुलिस की चौकसी और सक्रियता ने रंजीत के इस आत्मविश्वास को ध्वस्त कर दिया।

कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में बोरे में मिली लाश का मामला एक घरेलू विवाद की परिणति रही। रंजीत की गिरफ्तारी ने इस मुद्दे का समाधान किया है। इस नृशंस हत्या ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि पारिवारिक विवाद किस प्रकार क्रूरता में बदल सकते हैं।

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टीम धर्म युद्ध, निवेदिता शर्मा