सुभारती समूह के लिए खतरे की घंटी: 15 दिसंबर तक 87.50 करोड़ न जमा करने पर संपत्ति कुर्क
राशि जमा न होने पर गिरफ्तारी से लेकर संपत्ति ज़ब्ती तक की कार्यवाही तय देहरादून | उत्तराखंड में सुभारती समूह के खिलाफ सरकार ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने लंबित बकाया वसूली के तहत ₹87.50 करोड़ (सत्तासी करोड़ 50 लाख रुपए) का कुर्की वारंट जारी कर […] The post सुभारती की उलटी गिनती शुरू : 15 दिसंबर तक जमा करो 87.50 करोड़ वरना संपत्ति कुर्क होगी appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
सुभारती समूह के लिए खतरे की घंटी: 15 दिसंबर तक 87.50 करोड़ न जमा करने पर संपत्ति कुर्क
कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड सरकार ने सुभारती समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आगाज़ किया है, जिसमें 87.50 करोड़ की राशि जमा न करने पर संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया गया है।
देहरादून | उत्तराखंड में, सुभारती समूह पर सरकारी शिकंजा कसता जा रहा है। राज्य सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल के माध्यम से ₹87.50 करोड़ की वसूली के लिए कुर्की वारंट जारी किया है। यह राशि 15 दिसंबर तक जमा करनी अनिवार्य है। यदि समय सीमा में राशि जमा नहीं होती है, तो संचालकों की गिरफ्तारी और अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
आदेश का व्यापक प्रभाव
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह कार्यवाही 15 दिसंबर की अंतिम तारीख के बाद सीधे संपत्ति कुर्की, बैंक खातों की सीलिंग और संचालकों की गिरफ्तारी की ओर बढ़ेगी। यह उत्तराखंड सरकार की अब तक की सबसे कठोर वित्तीय कार्रवाई मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए कड़े कदम उठाएं। उनके इस निर्देश के फलस्वरूप, जिला मजिस्ट्रेट ने सुभारती समूह के मामले में यह निर्णायक कदम उठाया है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और छात्रों पर प्रभाव
सुभारती ट्रस्ट पर पहले ही छात्रों से धोखाधड़ी और भूमि विवाद के आरोप लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुभारती कॉलेज को बंद करने के आदेश भी दिए थे, जिसके चलते 300 MBBS छात्रों को अन्य मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया गया। इससे सरकार पर ₹1.13 अरब का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा।
उत्तराखंड सरकार ने सुभारती को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और इस समूह के किसी भी मेडिकल कॉलेज के संचालन पर रोक लगा दी है। इसके बाद, सुभारती ने अपना नाम बदलकर MTVT बुद्धिस्ट रिलीजियस ट्रस्ट रखा है, लेकिन नए NOC हासिल करने के लिए ₹97 करोड़ की राशि जमा करना अनिवार्य होगा।
सुभारती समूह पर लगे गंभीर आरोप
सुभारती समूह पहले से ही कई विवादों में फंसा हुआ है। इसमें प्रमुख हैं:
- मृत मरीज के शव को रोककर अतिरिक्त बिल वसूली का मामला
- हरिओम आनंद केस में सीबीआई जांच
- “पाकिस्तान जिंदाबाद” नारेबाजी विवाद
- कैंपस हिंसा के मामले
- छात्रों की संदिग्ध मौतें
- 23 करोड़ की FD पर आयकर कार्रवाई
- अल्पसंख्यक संस्थान होने का फर्जी दावा — कोर्ट द्वारा खारिज
इन सभी मामलों की जांच अलग-अलग स्तरों पर की जा रही है और सरकार ने इस पर कार्रवाई करने का फैसला किया है।
अंतिम चेतावनी: 15 दिसंबर की समय सीमा
जिला प्रशासन के अनुसार, 15 दिसंबर सभी के लिए अंतिम तारीख है। अगर निर्धारित राशि 87.50 करोड़ जमा नहीं होती है, तो तुरंत संपत्ति कुर्की और अन्य दंडात्मक कदम लागू होंगे। यह मामला उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई में से एक है।
इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि सुभारती समूह को 15 दिसंबर तक अपनी वैधता साबित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। अन्यथा, उन्हें गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
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सादर,
नैना शर्मा
Team Dharm Yuddh