भोजन माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय वृद्धि की खुशखबरी

अच्छी खबर; भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ेने की तैयारी प्रदेश में 24000 भोजन माताएं कार्यरत हैं। पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत भोजन माताओं को वर्तमान में तीन हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। तीन हजार रुपये मानदेय में 900 केंद्र सरकार एवं सौ रुपये राज्यांश है। इसके अलावा राज्य […] The post भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी राहत appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

भोजन माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय वृद्धि की खुशखबरी

भोजन माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय वृद्धि की खुशखबरी

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कम शब्दों में कहें तो, प्रदेश सरकार भोजन माताओं, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि की तैयारी कर रही है। यह कदम उनके कार्यों को मान्यता देने और प्रोत्साहित करने के लिए उठाया जा रहा है।

मानदेय का वर्तमान परिदृश्य

प्रदेश में लगभग 24000 भोजन माताएं कार्यरत हैं, जो पीएम पोषण योजना के तहत सेवा प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में इन्हें तीन हजार रुपये का मानदेय दिया जाता है। इसमें 900 रुपये केंद्र सरकार और 100 रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से इसे दो हजार रुपये अतिरिक्त मिलते हैं।

रुचि और प्रस्ताव का प्रारंभ

अब, राज्य सरकार इन भोजन माताओं, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की तैयारी कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव भेजे हैं। हाल ही में मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया था।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति

प्रदेश में 40,000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं, जो लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रही थीं। उनका वर्तमान मानदेय केंद्र सरकार से 4500 रुपये और राज्य सरकार से 4800 रुपये प्रतिमाह मिलता है। राज्य सरकार इस पर विचार कर रही है कि किस प्रकार इनका मानदेय और अधिक बढ़ाया जा सके।

सरकारी प्रयास और लाभ

इस मामले में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशीलाल राणा के अनुसार, विभाग ने शासन को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें बताया गया है कि अन्य राज्यों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कितना मानदेय मिल रहा है।

आशा कार्यकर्ताओं की स्थिति

राज्य में 12000 आशा कार्यकर्ताओं की भी उपस्थिती है, जिनका मानदेय भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में भी जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

निष्कर्ष

इस तरह, यह प्रगति न केवल स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं में सुधार लाएगी, बल्कि समाज में महिला कार्यकर्ताओं को भी सम्मान और मान्यता प्रदान करेगी। यह निश्चित रूप से प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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धन्यवाद,

टीम धर्म युद्ध, नंदिता रानी