नई टिहरी में पीआईबी द्वारा आयोजित एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’
देहरादून/नई टिहरी: पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) देहरादून, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी 2026 (बुधवार) को नई टिहरी में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (वीबी–जी राम जी अधिनियम) के जन-प्रभाव और क्रियान्वयन पर केंद्रित होगी। कार्यक्रम प्रातः 9:30 […] The post नई टिहरी में पीआईबी की एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
नई टिहरी में पीआईबी द्वारा आयोजित एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’
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देहरादून/नई टिहरी: पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) देहरादून के द्वारा 28 जनवरी 2026 (बुधवार) को नई टिहरी में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (वीबी–जी राम जी अधिनियम) के जन-प्रभाव और क्रियान्वयन पर केंद्रित होगी।
कार्यक्रम का आरंभ प्रातः 9:30 बजे से जिलाधिकारी कार्यालय, नई टिहरी के सभागार में किया जाएगा, जिसमें जनपद के पत्रकार, विभागीय प्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी और लाभार्थी शामिल होंगे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिनियम की प्रगति, जमीनी प्रभाव और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की भूमिका पर सकारात्मक संवाद स्थापित करना है।
पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुन्द्रियाल ने विशेष रूप से बताया कि वीबी–जी राम जी अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की वैधानिक गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाया गया है। यह पहले मनरेगा के तहत सिर्फ 100 दिनों तक ही सीमित थी। यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 का स्थान लेता है और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक वैधानिक ढांचा प्रदान करता है, जो विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय विज़न के अनुसार है।
संजीव सुन्द्रियाल ने यह भी कहा कि ‘वार्तालाप’ जैसे संवादात्मक कार्यक्रम सरकार और मीडिया के बीच संचार को सशक्त बनाते हैं, जो गढ़वाल मंडल में पारदर्शी और प्रभावी जन-संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस कार्यशाला में सम्मिलित होने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा और उनकी भूमिका को सम्मानित किया जाएगा, जिससे वे इस मिशन के कार्यान्वयन में सहायक बन सकें। इस तरह के कार्यक्रम न केवल सूचना का आदान-प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में विकास और रोजगार निर्माण में भी मदद करते हैं।
कम शब्दों में कहें तो, एक दिवसीय इस कार्यशाला का आयोजन ग्रामीण रोजगार सृजन में मददगार साबित होगा। अधिक अपडेट के लिए यहाँ क्लिक करें.
सत्याग्रह की प्राप्ति के लिए यह आवश्यक है कि सभी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के मापदंड को बढ़ावा दिया जाए और इस दिशा में कार्यशाला के माध्यम से एक ठोस आधार तैयार किया जाए।
टीम धर्म युद्ध
स्नेहा शर्मा