देहरादून में माल्टा महोत्सव: सीएम धामी ने किसानों के साथ बांटा पहाड़ी खटाई का अनुभव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ITBP स्टेडियम सीमा द्वार, देहरादून में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल्टा महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए कृषकों से मुलाकात कर माल्टा और नींबू की खटाई का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में माल्टा उत्पादन की अपार […] The post देहरादून में माल्टा महोत्सव, सीएम धामी ने किसानों से संवाद कर चखा पहाड़ी खटाई का स्वाद appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

देहरादून में माल्टा महोत्सव: सीएम धामी ने किसानों के साथ बांटा पहाड़ी खटाई का अनुभव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ITBP स्टेडियम सीमा द्वार, देहरादून में सेवा संकल्प (धारिण

देहरादून में माल्टा महोत्सव: सीएम धामी ने किसानों के साथ बांटा पहाड़ी खटाई का अनुभव

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देहरादून में आयोजित माल्टा महोत्सव में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने विभिन्न जिलों के किसानों से बातचीत की और पहाड़ी खटाई का स्वाद चखा।

बुधवार को ITBP स्टेडियम, सीमा द्वार में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय माल्टा महोत्सव में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय कृषकों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के फल जैसे माल्टा और नींबू की खटाई का स्वाद लेकर किसानों की मेहनत की सराहना की। उनके मुताबिक, उत्तराखंड में माल्टा का उत्पादन बहुत संभावनाएं लेकर आता है।

माल्टा मिशन की घोषणा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा की है। इससे न केवल माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि विपणन और मूल्य संवर्धन में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, "इस मिशन से पहाड़ी क्षेत्रों के कृषकों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय फलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।"

स्थानीय फलों का प्रमोशन

राज्य सरकार ने माल्टा के साथ-साथ कीवी, सेब, आडू, पुलम, नींबू तथा अन्य स्थानीय फलों के उत्पादन पर जोर दिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि माल्टा महोत्सव जैसे आयोजन किसानों को सीधे उपभोक्ताओं और बाजार से जोड़ते हैं, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर मूल्य मिल सकता है।

इस कार्यक्रम में आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इस महोत्सव के माध्यम से न केवल स्थानीय फलों को बढ़ावा मिला है, बल्कि किसानों को नई संभावनाओं की ओर भी अग्रसर किया गया है।

माल्टा महोत्सव का महत्व

माल्टा महोत्सव का आयोजन शहर में कृषि विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल क्षेत्रीय फलों को पहचान मिलेगी, बल्कि इससे किसानों को अपने उत्पाद सीधे बाजार में बेचने का अवसर भी मिलेगा। यह महोत्सव स्थानीय संस्कृति और कृषि पर आधारित त्योहारों को बढ़ावा देने का अनूठा माध्यम है।

किसानों के बीच खाद्यान्न उत्पादन और नवाचार को लेकर में संवाद स्थापित कर, सीएम धामी ने यह बताया कि कैसे नवाचार से बागवानी और कृषि को फायदा पहुंच सकता है। इसके लिए उन्होंने किसानों को प्रेरित किया कि वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अपने उत्पादकता को बढ़ाएं।

माल्टा महोत्सव ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार अपने किसानों के कल्याण और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। महोत्सव के दौरान, विभिन्न कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां आयोजित की गईं, जो किसानों को नई तकनीकों और विधियों के बारे में जागरूक करती हैं।

इस प्रकार, माल्टा महोत्सव एक ऐसा मंच है, जो उत्तराखंड की कृषि संस्कृति को प्रमोट करता है और पहाड़ी इलाकों में विकास के नए द्वार खोलता है। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रकार के और भी आयोजन उत्तराखंड के ग्रामीण विकास में सकारात्मक योगदान देंगे।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध
राधिका मेहता