पेयजल आपूर्ति और अवैध प्लॉटिंग पर डिप्टी सीएम साव की सख्त कार्रवाई, अधिकारियों पर लगाया गया दबाव
सत्या राजपूत, रायपुर। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सोमवार को प्रदेश के सभी नगर
पेयजल आपूर्ति और अवैध प्लॉटिंग पर डिप्टी सीएम साव की सख्त कार्रवाई
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कम शब्दों में कहें तो, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर प्रशासन में सुधार के लिए अधिकारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने पेयजल योजना में आरोपित देरी को लेकर कार्यपालन अभियंता के निलंबन के साथ-साथ ठेकेदार पर भी दंड लगाने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर से सत्या राजपूत की रिपोर्ट के अनुसार, उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सोमवार को प्रदेश के सभी नगरों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उनके इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य अवैध प्लॉटिंग, निर्माण कार्यों और पेयजल योजनाओं में आई देरी को समाप्त करना है।
अधिकारियों की लगाई क्लास
उप मुख्यमंत्री साव ने अधिकारियों की बैठक में सख्त लहजे में कहा कि अगर किसी भी नगर में पेयजल की आपूर्ति में कमी या अव्यवस्था पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हाल ही में मिले नागरिकों की शिकायतों का भी जिक्र किया, जिसमें पेयजल की गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई थी।
पेयजल योजना में लेटलतीफी पर कार्रवाई
अरुण साव ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं में देरी हुई है, वहां के कार्यपालन अभियंता को निलंबित किया जाएगा। इसके अलावा, ठेकेदारों पर भी दंड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में कोई अव्यवस्था न हो।
अवैध प्लॉटिंग पर सख्त नियम
उप मुख्यमंत्री ने अवैध प्लॉटिंग के मामलों पर भी ध्यान केंद्रित किया और कहा कि इस तरह के निर्माण कार्यों को सख्ती से रोका जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अवैध निर्माणों की पहचान करें और उन पर त्वरित कार्यवाही करें। इसके लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी जो नियमित रूप से ऐसे मामलों की मॉनिटरिंग करेगी।
नागरिकों की सक्रिय भूमिका
अरुण साव ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आस-पास की अव्यवस्थाओं की सूचना प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि नागरिकों का सहयोग इस प्रयास में अतिआवश्यक है ताकि हम शहरों को बेहतर बनाने के लिए साथ मिलकर काम कर सकें।
निष्कर्ष
उप मुख्यमंत्री अरुण साव की यह पहल पेयजल आपूर्ति में सुधार एवं अवैध निर्माणों को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी सख्त कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि स्थानीय प्रशासन को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना होगा।
हमारे अनुसार, यह सरकार की सतर्कता और निष्पक्षता का संकेत है, जिससे नागरिकों का विश्वास और बढ़ेगा। इस दिशा में परिणाम देखने के लिए हमें कुछ समय इंतजार करना होगा, लेकिन सही दिशा में उठाए गए कदमों से उम्मीदें अवश्य जगती हैं।
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साभार, सुषमा तिवारी, टीम धर्म युद्ध