भारतीय नौसेना में शामिल होंगे दो नए अत्याधुनिक युद्धपोत: INS महेंद्रगिरी और INS मालवन

INS महेंद्रगिरी और INS मालवन से समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत, आधुनिक हथियारों व तकनीक से होंगे लैस अमरावती। भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति को और मजबूती देने के लिए जल्द ही दो अत्याधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरी (INS Mahendragiri) और आईएनएस मालवन (INS Malvan) नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाएंगे। इन दोनों स्वदेशी युद्धपोतों […]

भारतीय नौसेना में शामिल होंगे दो नए अत्याधुनिक युद्धपोत: INS महेंद्रगिरी और INS मालवन
INS महेंद्रगिरी और INS मालवन से समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत, आधुनिक हथियारों व तकनीक से होंगे लैस अ�

भारतीय नौसेना में शामिल होंगे दो नए अत्याधुनिक युद्धपोत: INS महेंद्रगिरी और INS मालवन

कम शब्दों में कहें तो भारतीय नौसेना को जल्द ही दो अत्याधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरी और आईएनएस मालवन मिलेंगे, जो समुद्री सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाएंगे। ये स्वदेशी युद्धपोत उच्च तकनीक से लैस होंगे और भारत के सामरिक हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh

भारत की समुद्री शक्ति को और मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना जल्द ही दो अत्याधुनिक युद्धपोतों आईएनएस महेंद्रगिरी (INS Mahendragiri) और आईएनएस मालवन (INS Malvan) का समावेश करने जा रही है। इन दोनों स्वदेशी युद्धपोतों की नियुक्ति से भारत की सामरिक क्षमताओं के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में तटीय सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में तीन अन्य युद्धपोतों को भारतीय नौसेना को समर्पित किया था। इसके बाद, आईएनएस महेंद्रगिरी और आईएनएस मालवन की कमीशनिंग की तिथि को पहले तय किया गया था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब संभावना है कि ये युद्धपोत इसी महीने भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होंगे।

INS मालवन: पनडुब्बी रोधी अभियान का मजबूत हथियार

आईएनएस मालवन एक एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है, जिसे कोचीन शिपयार्ड में तैयार किया गया है। इसे 2019 में निर्माण का आदेश दिया गया और इसे 30 नवंबर 2023 को लॉन्च किया गया। यह युद्धपोत उथले जल में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उनका नाश करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।

  • अधिकतम गति: 25 नॉट
  • प्रोपल्शन सिस्टम: ट्रिपल-जेट वॉटर प्रोपल्शन
  • आधुनिक रडार एवं सोनार: हल-माउंटेड सोनार प्रणाली सहित
  • हथियार: हल्के टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट
  • लंबाई: 80 मीटर
  • चौड़ाई: 11.36 मीटर
  • विस्थापन क्षमता: लगभग 1,100 टन

INS महेंद्रगिरी: आधुनिक हथियारों से लैस स्टील्थ फ्रिगेट

आईएनएस महेंद्रगिरी भारतीय नौसेना की नीलगिरी श्रेणी (Nilgiri Class) का एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्ज़ लिमिटेड, मुंबई में हुआ है। इसका निर्माण कार्य जून 2022 में शुरू हुआ और सितंबर 2023 में इसे लॉन्च किया गया। अप्रैल 2026 में इसे भारतीय नौसेना को सौंपा जाएगा।

यह युद्धपोत अत्याधुनिक रडार, सोनार प्रणालियों और अन्य उच्च तकनीक से लैस है, जिससे यह दुश्मन के युद्धपोतों और पनडुब्बियों का मुकाबला करने में सक्षम होगा।

  • अधिकतम गति: 28 नॉट
  • हथियार: ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल,76 मिमी नौसैनिक तोप, वरुणास्त्र टॉरपीडो प्रणाली, रॉकेट लॉन्चर
  • हेलीकॉप्टर संचालन की क्षमता: दो सी किंग हेलीकॉप्टर
  • आधुनिक स्टील्थ तकनीक: रडार और सोनार सिस्टम
  • लंबाई: 149 मीटर
  • चौड़ाई: 17.8 मीटर
  • विस्थापन क्षमता: लगभग 6,670 टन

समुद्री सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह दोनों युद्धपोत भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी क्षमता, और सामरिक शक्ति में महत्वपूर्ण वृद्धि करेंगे। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के मध्य, ये युद्धपोत भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेंगे और देश की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती प्रदान करेंगे।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें

सादर,
Team Dharm Yuddh - नंदिता शर्मा