लोक संगीत के सितारे रिंकू राणा का दुखद निधन: सड़क हादसे से संगीत जगत में शोक की लहर

एफएनएन, नानकमत्ता : उत्तराखंड की मशहूर जनजाति लोक गायिका रिंकू राणा का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में लोक गायिका को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। […] The post लोक संगीत जगत को बड़ा झटका: सड़क हादसे में रिंकू राणा का निधन appeared first on Front News Network.

लोक संगीत के सितारे रिंकू राणा का दुखद निधन: सड़क हादसे से संगीत जगत में शोक की लहर

लोक संगीत के सितारे रिंकू राणा का दुखद निधन: सड़क हादसे से संगीत जगत में शोक की लहर

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की मशहूर लोक गायिका रिंकू राणा का अचानक निधन, सभी को हिला कर रख दिया है।

नानकमत्ता से मिली खबर के अनुसार, प्रसिद्ध जनजाति गायिका रिंकू राणा का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया है। जैसे ही यह दुखद समाचार फैला, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। रिंकू राणा की मौत की सूचना पाकर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गंभीर अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

विधानसभा चुनावों में अपनी सक्रियता के चलते पहचान बनाने वाली रिंकू राणा, ग्राम कल्याणपुर नोगजा की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि वह अपनी भतीजी जिया राणा के साथ किसी कार्य से सिसौना, सितारगंज गई थीं। घर लौटते समय नानकमत्ता क्षेत्र के बिछपुरी के पास उनकी स्कूटी का एक्सিডेंट हुआ, जब वह एक ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गईं। इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

हादसे की जानकारी के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रिंकू के निधन की खबर ने जनजाति समाज सहित उनके प्रशंसकों को भी गहरे दुःख में डाल दिया। अस्पताल एवं घर पर उनके फैंस और परिवार के लोग जमा हो गए, जहां रिंकू के परिवार में मातम छा गया है। उनके एक बेटे के होने की जानकारी भी मिली है, जो इस दुख में और भी गहरा हो गया है।

रिंकू राणा का योगदान

रिंकू राणा अपनी मधुर आवाज के लिए जानी जाती थीं और थारू जनजाति समाज में उनकी पहचान अत्यधिक थी। होली पर्व के अवसर पर उनके द्वारा गाए गए गीतों से कार्यक्रमों में रंग चढ़ जाता था। हाल ही में उन्होंने कई होली मिलन कार्यक्रमों में भाग लिया था, जहां उनके गीतों ने सारा माहौल रंगीन कर दिया था। उनके असमय निधन ने जनजाति समाज को एक बड़ी क्षति दी है।

इस घटना पर क्षेत्र के विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, हरिओम राणा, अशोक राणा और अनेक जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने मिलकर रिंकू के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।

नया गाना लॉन्च कर दिया था

दुखद बात यह है कि दुर्घटना से एक दिन पहले रिंकू ने अपना नया गाना लॉन्च किया था, जिसे बहुत तेजी से 400 लाइक मिले थे। उनकी पहचान न केवल खटीमा और नानकमत्ता में, बल्कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी थी। होली और जागरण कार्यक्रमों में उन्हें विशेष रूप से बुलाया जाता था।

उनकी मृत्यु के बाद प्रशंसक अब उनके नए गाने को सुनने में रुचि ले रहे हैं, जो उनके व्यक्तित्व और करियर का एक हिस्सा बना रहेगा।

भविष्य में जब भी हम रिंकू राणा का नाम लेंगे, उनकी मधुर आवाज और जनजाति संस्कृति में योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

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टीम धर्म युद्ध, सीमा रॉय