विवेकानंद स्कूल के तीन ऑल-स्टार: कमलदीप, प्रभाकर और बबीता की उत्कर्ष यात्रा

➤ UKPSC की परीक्षा में बड़ी सफलता प्राप्त कर वित्त अधिकारी बने➤ कड़ी मेहनत रंग लाई, ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बनी बबीता सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा/बागेश्वर: उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा में अल्मोड़ा से कमलदीप सिंह पिलख्वाल व प्रभाकर परमार ने सफलता प्राप्त कर नाम रोशन किया […] The post विवेकानंद स्कूल से पढ़े 03 सितारे चमके: कमलदीप, प्रभाकर और बबीता appeared first on Creative News Express | CNE News.

विवेकानंद स्कूल के तीन ऑल-स्टार: कमलदीप, प्रभाकर और बबीता की उत्कर्ष यात्रा
➤ UKPSC की परीक्षा में बड़ी सफलता प्राप्त कर वित्त अधिकारी बने➤ कड़ी मेहनत रंग लाई, ग्रामीण बेटियों क

विवेकानंद स्कूल के तीन ऑल-स्टार: कमलदीप, प्रभाकर और बबीता की उत्कर्ष यात्रा

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कम शब्दों में कहें तो, विवेकानंद स्कूल से पढ़े तीन छात्रों ने अपनी मेहनत और समर्पण से राज्य सेवा में उच्चतम सफलता प्राप्त की है।

अल्मोड़ा/बागेश्वर: उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की आयोजित उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा में अल्मोड़ा के दो नायक कमलदीप सिंह पिलख्वाल और प्रभाकर परमार ने सफलता प्राप्त की है। इसके साथ ही, बबीता ने भी इस परीक्षा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की, जो कि विशेष रूप से ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। ये सभी तीनों विवेकानंद स्कूल के स्नातक हैं, जिन्होंने अपनी शिक्षा से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

कमलदीप सिंह: एक संकल्पित युवा

कमलदीप सिंह पिलख्वाल की कहानी एक संकल्पित युवा की है जिन्होंने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की। अपनी शिक्षा के दौरान, कमलदीप ने हमेशा उत्कृष्टता की ओर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने न केवल अपनी अकादमिक क्षमताओं को बढ़ाया, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी प्रयत्नशील रहे। इस परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने कहा, "मेरी सफलता का श्रेय मेरे शिक्षकों और परिवार को है, जिन्होंने मुझे हमेशा प्रोत्साहन दिया।"

प्रभाकर परमार: कठिनाईयों का सामना करते हुए

प्रभाकर परमार की सफलता की कहानी भी प्रेरणादायक है। उन्होंने अनेकों कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें इस परीक्षा में सफलता दिलाई। उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा से विश्वास रखा कि सफलता मेहनत के बिना संभव नहीं है। इस परीक्षा में सफलता मेरे दृढ़ संकल्प और संघर्ष का परिणाम है।"

बबीता: ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा

बबीता ने इस परीक्षा में सफलता हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कड़ी मेहनत के साथ-साथ अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी और इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं। बबीता की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ संकल्प हो तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "मैं चाहती हूं कि अन्य ग्रामीण लड़कियाँ भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करें।"

कड़ी मेहनत का परिणाम

इन तीनों छात्रों की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कड़ी मेहनत, समर्पण और सही दिशा में प्रयास करने से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। यह सभी छात्रों के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। राज्य सेवा में इनकी सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवारों और समुदाय के लिए गर्व का विषय है।

निष्कर्ष

विवेकानंद स्कूल के कमलदीप, प्रभाकर और बबीता ने साबित कर दिया है कि शिक्षा केवल एक साधन है, बल्कि यह जीवन में सफलता प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम भी है। उनकी उपल्बधियों से प्रेरित होकर अन्य छात्र-छात्राएं भी अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रेरित हो सकते हैं। इस सफलता के साथ ही, विवेकानंद स्कूल ने एक बार फिर से अपनी उत्कृष्टता को साबित किया है।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध
स्नेहा शर्मा