हरिनगर में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान का आयोजन

ग्रामीणों ने लिया वनाग्नि और प्लास्टिक मुक्त गाँव का संकल्प विशेष संवाददाता। थली बीट के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा हरिनगर में सोमवार को पर्यावरण संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से एक विशाल जागरूकता गोष्ठी एवं जनचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आदिवासी वेलफेयर सोसाइटी और वन विभाग (उत्तरी […] The post पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए हरिनगर में जुटी भीड़ appeared first on Creative News Express | CNE News.

हरिनगर में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान का आयोजन
ग्रामीणों ने लिया वनाग्नि और प्लास्टिक मुक्त गाँव का संकल्प विशेष संवाददाता। थली बीट के अंतर्गत

हरिनगर में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान का आयोजन

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कम शब्दों में कहें तो, हरिनगर में ग्रामीणों ने वनाग्नि और प्लास्टिक मुक्त गाँव का संकल्प लिया। थली बीट में सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना था।

जागरूकता गोष्ठी का उद्देश्य

ग्राम सभा हरिनगर के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता गोष्ठी और जनचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस रैली में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए। आदिवासी वेलफेयर सोसाइटी और वन विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया।

वनाग्नि और प्लास्टिक मुक्ति का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान, ग्रामीणों ने वनाग्नि (जंगलों में आग लगाना) और प्लास्टिक उपयोग से मुक्ति का संकल्प लिया। इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इन दोनों मुद्दों का प्रतिकूल प्रभाव पर्यावरण और वन्यजीवों पर पड़ता है। ग्रामीणों ने सभा में जोर देकर कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा।

कार्यक्रम में सहभागिता

इस जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और इसे महत्व देने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार किये।

समुदाय की प्रतिक्रियाएँ

इस आयोजन के बाद, ग्रामीणों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने एक सकारात्मक संदेश दिया कि जब हम एकजुट होते हैं, तो हम बदलाव ला सकते हैं। कई लोगों ने इस तरह के कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का सुझाव दिया ताकि सभी लोग इस दिशा में जागरूक हो सकें।

हमारी जिम्मेदारी

आदिवासी वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका कहना था कि इन प्रयासों के माध्यम से ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण बना सकते हैं।

निष्कर्ष

हरिनगर में हुए इस कार्यक्रम ने यह दर्शाया है कि जब समुदाय एकजुट होता है, तब वह पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकता है। आपको भी ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी लेनी चाहिए और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का अहसास करना चाहिए।

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साभार,
सुषमा कुमारी
Team Dharm Yuddh