Bageshwar में अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार हत्याकांड का खुलासा, महिला और उसका भाई गिरफ्तार

एफएनएन, बागेश्वर : Bageshwar उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में 16 दिनों से लापता चल रहे अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार उर्फ कक्कू (35) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर तीन नवंबर की शाम गोमती नदी के […]

Bageshwar में अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार हत्याकांड का खुलासा, महिला और उसका भाई गिरफ्तार

एफएनएन, बागेश्वर : Bageshwar उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में 16 दिनों से लापता चल रहे अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार उर्फ कक्कू (35) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर तीन नवंबर की शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता का शव बरामद किया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और शव को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त कार भी कब्जे में ले ली है। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान महिला ने अधिवक्ता के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया था, जिससे उनकी मौत हो गई।

17 अक्टूबर को घर से निकले थे अधिवक्ता

बागेश्वर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार मेहरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तल्ली बाजार के बागनाथ वार्ड निवासी नन्दी परिहार ने 31 अक्टूबर को कोतवाली में अपने बेटे धीरेन्द्र परिहार की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

परिजनों के अनुसार, धीरेन्द्र 17 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मोबाइल सर्विलांस और CCTV से मिला सुराग

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम गठित की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि धीरेन्द्र की एक महिला के मोबाइल नंबर पर लगातार बातचीत होती थी। उनके लापता होने वाले दिन भी आखिरी बार इसी नंबर पर बातचीत हुई थी। मोबाइल नंबर की पड़ताल करने पर महिला की पहचान नुमाइशखेत निवासी के रूप में हुई।

स्कूटी और कार की CCTV फुटेज बनी अहम कड़ी

पुलिस ने महिला के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। इस दौरान दो नवंबर को धीरेन्द्र की स्कूटी चिल्ड्रन पार्क नुमाइशखेत के पास खड़ी मिली। वहीं, 19 अक्टूबर की रात महिला की कार की संदिग्ध आवाजाही भी कैमरों में कैद हुई थी।

इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने महिला से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक, महिला ने अधिवक्ता की हत्या करने की बात स्वीकार की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

विवाद के दौरान लोहे की रॉड से किया हमला

पुलिस के अनुसार, महिला ने पूछताछ में बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेन्द्र नशे की हालत में उसके घर पहुंचे थे। वहां दोनों के बीच विवाद हो गया। महिला का आरोप है कि धीरेन्द्र ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने घर में रखी लोहे की रॉड से उनके सिर पर दो बार वार कर दिया।

हमले के बाद धीरेन्द्र मौके पर गिर पड़े और काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद महिला ने शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया।

भाई के साथ मिलकर शव को नदी में फेंका

पुलिस के मुताबिक, महिला ने अगले दिन अपने भाई को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। 19 अक्टूबर की रात दोनों ने शव को कार संख्या UK02B-3843 की पिछली सीट पर रखा और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुनाई बैंड के पास से नीचे नदी में फेंक दिया।

आरोपियों की निशानदेही पर बरामद हुआ शव

पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर सर्च अभियान चलाया। तीन नवंबर की शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार का शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद किया गया। इसके साथ ही पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड और कार को भी बरामद कर लिया।

हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में कार्रवाई

पुलिस ने मामले में हत्या, साक्ष्य मिटाने समेत अन्य संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। शव का पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया में जुटी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।