उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर गरमाई बहस, कांग्रेस विधायक ने भाजपा को घेरा

एफएनएन, गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में जनसंख्या नियंत्रण कानून का मुद्दा उठा. बीजेपी विधायक शिव अरोड़ा ने नियम 300 के तहत ध्यान आकर्षण में यह मांग रखते हुए राज्य में बदलते जनसंख्या संतुलन पर चिंता जताई. साथ ही राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग कर डाली. सदन में […] The post उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बहस, कांग्रेस MLA ने BJP को घेरा appeared first on Front News Network.

उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर गरमाई बहस, कांग्रेस विधायक ने भाजपा को घेरा

उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर गरमाई बहस, कांग्रेस विधायक ने भाजपा को घेरा

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बहस छिड़ गई है, जिसमें कांग्रेस विधायक ने भाजपा की नीतियों को लेकर तीखा हमला किया।

गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन जनसंख्या नियंत्रण कानून एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया। भाजपा विधायक शिव अरोड़ा ने नियम 300 के तहत इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया, जिसमें उन्होंने राज्य में जनसंख्या संतुलन की चिंता जताई और राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग की।

सदन में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बहस

इस बहस के दौरान, शिव अरोड़ा ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के समक्ष अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि "उत्तराखंड में डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि एक विशेष समुदाय में धार्मिक आधार पर जनसंख्या बढ़ाने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है, जिसे रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी है।

शिव अरोड़ा का प्रस्ताव

अरोड़ा ने यह भी कहा कि, "यदि राज्य सरकार ऐसा कानून लाती है तो उस दिन से तीन से ज्यादा बच्चों वाले परिवारों को सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाना चाहिए। इनमें शामिल हैं सरकारी राशन, आयुष्मान कार्ड, गैस और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ।"

सरकार की नीतियों पर उठे सवाल

अरोड़ा का कहना था कि उत्तराखंड ऐसा राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है, और मदरसा बोर्ड को समाप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह, उन्हें उम्मीद है कि सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की दिशा में भी पहल करेगी।

कांग्रेस विधायक का विरोध

हालांकि, कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने इस बयान का तीखा विरोध किया। उन्होंने कहा कि, "किसी एक विशेष समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है।" उन्होंने इसे एक कमजोर सोच बताया और कहा कि, "इस विषय को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक नजरिए से देखने की जरूरत है।"

राज्य की जनसंख्या में बदलाव

आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में साल 2011 की जनगणना में विशेष समुदाय की आबादी लगभग 14% थी, जो अब करीब 18% के आसपास बताई जा रही है। इसके साथ ही, राज्य में बाहरी राज्यों से आकर बसने वाले लोगों को लेकर भी समय-समय पर राजनीतिक बहस होती रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर चर्चा एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।

यह बहस यह दर्शाती है कि राज्य की जनसंख्या नीति और सामाजिक संतुलन पर केंद्रित यूज से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों के लिए जनसंख्या नियंत्रण जैसे विवादास्पद मुद्दों पर और भी बहस होने की संभावना है।

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टीम धर्म युद्ध - स्नेहा शर्मा