जांजगीर के नगर पंचायत लेखापाल को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया
एफएनएन, जांजगीर-चांपा : भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार एसीबी (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) की कार्रवाई जारी है।आज एसीबी इकाई बिलासपुर ने जांजगीर जिले में नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। बता दें कि आज ही एसीबी ने जिले के CSEB (छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड) के ग्रामीण कार्यालय में छापा […] The post नगर पंचायत के लेखापाल को 8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार appeared first on Front News Network.
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की बड़ी कार्रवाई
जांजगीर-चांपा: भ्रष्टाचार की समस्या को समाप्त करने के लिए एसीबी (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने एक नई पहल की है। हाल ही में, बिलासपुर की एसीबी इकाई ने जांजगीर जिले के नवागढ़ नगर पंचायत में लेखापाल को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सरकारी कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
कम शब्दों में कहें तो, एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ठोस कदम उठाते हुए एक लेखापाल को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है।
बता दें कि इसी दिन एसीबी ने CSEB (छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड) के ग्रामीण कार्यालय में भी छापा मारकर तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
रिश्वत की मांग का मामला
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी, अजितेश सिंह ने बताया कि नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब ने एसीबी इकाई में शिकायत की थी। अब्दुल वहाब का कहना था कि उसके फर्म द्वारा नवागढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अधोसंरचना से संबंधित कार्य और मरम्मत का कार्य किया गया था, जिसकी बिल राशि लगभग 203000 रुपये थी। लेखापाल ने इसके एवज में 16,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। अब्दुल वहाब ने पहले से ही 6000 रुपये दे दिए थे और शेष 10,000 रुपये की मांग की जा रही थी। हालांकि, अब्दुल वहाब ने तय किया कि वह आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।
जांच और गिरफ्तारी
जब एसीबी ने शिकायत की जांच की, तो पाया गया कि वहाब का आरोप सही था। सत्यापन के दौरान आरोपी ने 10,000 रुपये की जगह 8000 रुपये लेने पर सहमति दी। इस आधार पर एसीबी ने एक ट्रैप की योजना तैयार की। आज, 20 मार्च को आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपते हुए पकड़ने का प्रयास किया गया।
जब वहाब ने रिश्वत की रकम आरोपी को दी, तो एसीबी की टीम ने आसपास से तुरंत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 8000 रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई ने पॉजिटिव संदेश दिया है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही, यह घटनाएँ सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी भी हैं कि वे भ्रष्टाचार के रास्ते पर चलने से बचें।
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