तीस साल से नाम बदलकर फरार चल रहा वारंटी, बरेली में पुलिस ने किया गिरफ्तार

हाईकोर्ट के आदेश पर प्रेमनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई धर्म परिवर्तन कर मुरादाबाद में अब्दुल रहीम उर्फ ‘सक्सेना ड्राइवर’ नाम से रह रहा था आरोपी एफएनएन, बरेली : माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के अनुपालन में बरेली की प्रेमनगर पुलिस ने लगभग 30–35 वर्षों से कोर्ट की कार्यवाही से बच रहे फरार वारंटी को […] The post तीस साल से नाम बदलकर फरार चल रहा वारंटी बरेली में गिरफ्तार appeared first on Front News Network.

तीस साल से नाम बदलकर फरार चल रहा वारंटी, बरेली में पुलिस ने किया गिरफ्तार
हाईकोर्ट के आदेश पर प्रेमनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई धर्म परिवर्तन कर मुरादाबाद में अब्दुल रहीम �

तीस साल से नाम बदलकर फरार चल रहा वारंटी, बरेली में पुलिस ने किया गिरफ्तार

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कम शब्दों में कहें तो बरेली की प्रेमनगर पुलिस ने धर्म परिवर्तन करके नाम बदलने वाले एक फरार वारंटी को गिरफ्तार किया जो 30 साल से अधिक समय से न्यायालय की कार्रवाई से बच रहा था। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर की गई।

एफएनएन, बरेली : प्रेमनगर पुलिस ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तीन से चार दशकों से न्यायालय की कार्यवाही से बच रहे वारंटी प्रदीप कुमार सक्सेना को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान छिपाने के लिए उसने अपना नाम बदलकर अब्दुल रहीम रख लिया था और मुरादाबाद में 'सक्सेना ड्राइवर' के नाम से रह रहा था। यह गिरफ्तारी माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश पर की गई है। बरेली पुलिस की कार्रवाई

हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

उच्च न्यायालय ने क्रिमिनल अपील संख्या 1913/1989 में 16 अक्टूबर 2025 को आदेश जारी करते हुए कहा था कि प्रदीप कुमार सक्सेना को चार सप्ताह के भीतर गिरफ्तार करके सीजेएम बरेली के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इसी निर्देश के तहत बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम का गठन किया और जांच शुरू की।

मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी

जब जांच टीम ने आरोपी के मूल पते कस्वा शाही पर पहुँचने का प्रयास किया, तो पता चला कि वह लगभग तीन दशक पहले ही गांव छोड़ चुका था। उसके भाई सुरेश बाबू से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि प्रदीप ने 2002 में मुस्लिम धर्म स्वीकार किया और अपना नाम अब्दुल रहीम रख लिया। वह मुरादाबाद में ट्रक ड्राइवरी का काम कर रहा था।

मुरादाबाद के स्थानीय लोगों ने पुष्टि की कि अब्दुल रहीम, जिसे 'सक्सेना ड्राइवर' के नाम से भी जाना जाता है, वहाँ वर्षों से ट्रक च चला रहा था और उस दिन किसी काम से बरेली आया था। मुखबिर की सूचना पर प्रेमनगर पुलिस ने डेलापीर मंडी क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति को रडार पर लिया, जिसने पहले अपना नाम अब्दुल रहीम बताया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह ही प्रदीप कुमार सक्सेना है और न्यायालय से वह पिछले 1989 से फरार चल रहा था।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया

प्रदीप को उच्च न्यायालय के गिरफ्तारी आदेश से अवगत कराते हुए हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में थानाध्यक्ष प्रयागराज सिंह, उप निरीक्षक मोहम्मद सरताज और कांस्टेबल अनुराग शामिल थे।

यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत देती है कि कानून को लागू करने वाली एजेंसियाँ अपने कर्तव्यों के प्रति कितनी गंभीर हैं और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए वे कितनी तत्परता से कार्य करती हैं। आगे चलकर यह देखा जाएगा कि न्यायिक प्रक्रिया में प्रदीप का क्या परिणाम प्राप्त होता है।

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सादर,
सुषमा देवी
टीम धर्म युद्ध