भारतीय रेलवे स्टेशन पर करोड़ों रुपये का अफ्रीकी सोना पकड़ा, दो तस्कर गिरफ्तार
एफएनएन, वाराणसी : बांग्लादेश के रास्ते भारत में अफ्रीकी सोने की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है. वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर मुखबिर की सूचना पर जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में घेराबंदी कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान उनके पास से 2 किलोग्राम से […] The post कैंट रेलवे स्टेशन से करोड़ों का अफ्रीकी सोना पकड़ा, दो तस्कर दबोचे appeared first on Front News Network.
कैंट रेलवे स्टेशन पर सोने की तस्करी का बड़ा खुलासा
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कम शब्दों में कहें तो, वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने अफ्रीकी सोने की तस्करी के मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।
एफएनएन, वाराणसी: बांग्लादेश के रास्ते भारत में अफ्रीकी सोने की तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर एक मुखबिर की सूचना के बाद जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में घेराबंदी की और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 2 किलोग्राम सोने की बिस्किट बरामद गई, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ 54 लाख रुपये बताई जा रही है।
टीम की त्वरित कार्रवाई
जीआरपी के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी महाराष्ट्र के निवासी हैं। उन्हें पता चला था कि ये बंगाल के रास्ते सोने की बिस्किट को ट्रेन द्वारा दिल्ली ले जाकर डिलीवर करने वाले थे। सोना बरामद होने के बाद मौके पर कस्टम और आयकर विभाग की टीम भी पहुंच गई और तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी गई।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की चर्चा
प्रयागराज जोन के आईजी रेलवे एन. कोलांची ने बताया कि पकड़े गए दोनों तस्कर खुद को छात्र और पेंटर बताते हैं। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पता चला है कि पिछले तीन महीनों में ये दोनों 35 से 40 बार इस तरह सोने की तस्करी कर चुके हैं। यह जानकारी संकेत देती है कि एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह सक्रिय है।
तस्करी के तरीके और जांच
आईजी रेलवे के मुताबिक, तस्करों को बंगाल में सोने की बिस्किट दी जाती थी और साथ में एक मोबाइल फोन दिया जाता था। ट्रेन में किसी अंजान व्यक्ति को सोना सौंपना होता था। डिलीवरी पूरी होने के बाद ही उन्हें पैसे मिलते थे। जांच में यह भी सामने आया कि बरामद सोना संभवतः अफ्रीकी देशों से लाया गया है, जो पहले बांग्लादेश के रास्ते बंगाल पहुंचकर विभिन्न भारतीय राज्यों में सप्लाई किया जाता था।
विशेष टीम का गठन
आईजी रेलवे ने यह भी कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए दिल्ली और अन्य राज्यों की एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
इस मामले से ना केवल स्थानीय पुलिस बल की तत्परता स्पष्ट हो रही है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि भारत में तस्करी से संबंधित अपराधों पर रोक लगाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय आवश्यक है।
अंततः, इस तरह की घटनाएं हमें यह एहसास दिलाती हैं कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमें सजग रहना होगा और पुलिस की प्रयासों को सहयोग देना होगा।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध