लक्ष्मण सिंह ऐठानी: 90 साल की उम्र में मास्टर्स एथलेटिक्स में जीते 3 स्वर्ण पदक

बने ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ 8वीं मास्टर्स एथलेटिक में अल्मोड़ा ने जीते 7 स्वर्ण पदक 90+ आयु के अवकाश प्राप्त बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने उत्तराखण्ड मास्टर्स एथलेटिक 2025 में 3 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा और 'गेस्ट ऑफ ऑनर' बने। अल्मोड़ा ने कुल 7 स्वर्ण पदक जीते। सीएनई रिपोर्टर देहरादून/अल्मोड़ा। उम्र महज़ एक […] The post गजब : 90 + आयु के लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने मास्टर्स एथलेटिक में जीते 3 स्वर्ण appeared first on Creative News Express | CNE News.

लक्ष्मण सिंह ऐठानी: 90 साल की उम्र में मास्टर्स एथलेटिक्स में जीते 3 स्वर्ण पदक
बने ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ 8वीं मास्टर्स एथलेटिक में अल्मोड़ा ने जीते 7 स्वर्ण पदक 90+ आयु के अवकाश प्राप्त ब

लक्ष्मण सिंह ऐठानी: 90 साल की उम्र में मास्टर्स एथलेटिक्स में जीते 3 स्वर्ण पदक

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कम शब्दों में कहें तो, 90 वर्ष के लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने उत्तराखंड मास्टर्स एथलेटिक्स 2025 में 3 स्वर्ण पदक जीतकर नई ऊंचाइयों को छुआ है।

अल्मोड़ा की उपलब्धि

अल्मोड़ा जिले के अवकाश प्राप्त बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने हाल ही में आयोजित 8वीं मास्टर्स एथलेटिक प्रतियोगिता में 3 स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपनी उम्र को चुनौती दी, बल्कि पूरे राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्हें “गेस्ट ऑफ ऑनर” की उपाधि भी मिली, जो उनकी उपलब्धियों का प्रमाण है।

प्रतियोगिता का महत्व

उत्तराखंड मास्टर्स एथलेटिक्स 2025 में प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्टता का प्रमाण पेश करते हुए विभिन्न वर्गों में प्रतिस्पर्धा की। लक्ष्मण सिंह ऐठानी की सफलताओं ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। अल्मोड़ा ने कुल मिलाकर 7 स्वर्ण पदक जीते, जिसमें लक्ष्मण का योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

उम्र का सिर्फ एक संख्या

इस खबर को सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा कि 90 वर्ष की आयु में व्यक्ति किस प्रकार खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है। लक्ष्मण सिंह ने अपने करियर की इस बहार में यह प्रमाणित किया कि उम्र केवल एक संख्या है और असली चुनौती अपने आप को साबित करने में है।

समुदाय की प्रतिक्रिया

ऐसी खबरें न केवल प्रेरणादायक होती हैं, बल्कि समाज में ये एक नई सोच, ऊर्जा और बेहतरी का संचार करती हैं। कई युवा एथलीट और प्रशंसक लक्ष्मण सिंह के योगदान से प्रेरित हो रहे हैं और उनका अनुसरण करने की कोशिश कर रहे हैं।

आगे की दिशा

लक्ष्मण सिंह का यह सफर हमें यह दिखाता है कि सपने देखने की उम्र नहीं होती। वह सक्रिय रहकर और समर्पण के जरिए अपने लक्ष्य को पूरा करने में यकीन रखते हैं। इसकी वजह से वह न केवल खुद को, बल्कि दूसरों को भी प्रेरणा देते हैं।

अधिक जानकारी के लिए, आप हमारी वेबसाइट dharmyuddh.com पर जा सकते हैं।

हम सभी को चाहिए कि हम लक्ष्मण सिंह जैसे लोगों की उपलब्धियों से प्रेरणा लें और अपनी उम्र से परे जाकर अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास करें।

सभी को लक्ष्मण सिंह आएठानी की जीत पर बधाई और भविष्य में और भी सफलताओं के लिए शुभकामनाएँ।

इन सभी पहलुओं के साथ, उनकी यात्रा न केवल व्यक्तिगत है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि कोई भी अपनी उम्र के बावजूद अपनी संभावनाओं को पहचान सकता है।

सादर, टीम धर्म युद्ध - माया शर्मा