हरिद्वार में 1.45 करोड़ की साइबर ठगी: लालच का बना शिकार एक व्यक्ति

हरिद्वार: उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हालांकि पुलिस की तरफ से लोगों की जागरूक भी किया जा रहा है कि साइबर ठगों से कैसे बचें, फिर भी कुछ लोग लालच या फिर जागरूकता के अभाव में साइबर ठगों का शिकार हो जा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला हरिद्वार […] The post हरिद्वार में 1.45 करोड़ की साइबर ठगी, लालच में फंसा व्यक्ति appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

हरिद्वार में 1.45 करोड़ की साइबर ठगी: लालच का बना शिकार एक व्यक्ति
हरिद्वार: उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हालांकि पुलिस की तरफ से लोगों �

हरिद्वार में 1.45 करोड़ की साइबर ठगी: लालच का बना शिकार एक व्यक्ति

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कम शब्दों में कहें तो: हरिद्वार में एक व्यक्ति ने साइबर ठगों के झांसे में आकर 1.45 करोड़ रुपए की ठगी करवाई। यह मामला उत्तराखंड में लगातार बढ़ते साइबर अपराधों की ओर इशारा करता है।

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। हाल ही में एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि वह लालच के कारण ठगी का शिकार हो गया है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित हरिद्वार सिडकुल में एक फार्मा कंपनी में काम करता है और उसके पास जमापूंजी को सुरक्षित रखने का एक साधन था, लेकिन उसने धोखाधड़ी का शिकार होते हुए सबकुछ खो दिया।

फेसबुक पर विज्ञापन देखकर झांसे में आया

पीड़ित ने बताया कि उसे जनवरी 2023 में फेसबुक पर एक विज्ञापन मिला था जिसमें शेयर बाजार में निवेश करने का वादा किया गया था। पीड़ित ने उस विज्ञापन से प्रभावित होकर लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया जहां उसके साथ विशेष संकेत जोड़े गए और उसे महंगे आईपीओ में निवेश करने के लिए मनाया गया।

एप डाउनलोड कराया और तेजी से मुनाफे का झांसा दिया

पीड़ित के अनुसार, समूह में जोड़ने के बाद उसे एक एप डाउनलोड कराने के लिए कहा गया जिसे "नियो कोट प्रो" कहा जाता है। आरोपियों ने खुद को नामी निवेश सलाहकार बताकर पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि वह इस एप के माध्यम से भारी मुनाफा कमा सकता है। पीड़ित ने पहले निवेश किया और थोड़े समय बाद उसकी राशि में वृद्धि की बात उसे दिखाई गई, जिसने उसके विश्वास को मजबूत किया।

बड़े पैमाने पर ठगी का शिकार

जैसे-जैसे पीड़ित ने और निवेश किया, ठगों ने उसे बताते हुए उसके बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर कर दी। अंतिम रूप से, पीड़ित से कुल 1 करोड़ 45 लाख 800 रुपए ले लिए गए। जब वह अपने पैसे निकालने का प्रयास करने लगा, तो उसे यह पता चला कि ये सभी आरोपियों का जाल था और वह उन तक पहुंच नहीं पा रहा था।

पुलिस में शिकायत और कार्रवाई

पीड़ित ने साइबर ठगी का अहसास होने के बाद सिडकुल पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने अपने स्तर से पुलिस को इस मामले की गंभीरता बताई। पुलिस ने ऐक्शन लेते हुए तफ्तीश शुरू कर दी है और स्रोत की जानकारी जुटाई है। सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह का कहना है कि इस मामले में अनुसंधान चल रहा है और साइबर सेल को संबंधित जानकारी दे दी गई है।

यह घटना एक बार फिर से यह दर्शाती है कि साइबर ठग अपनी योजनाओं को कितना व्यवस्थित करते हैं और लोगों को मूर्ख बनाते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सभी को जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संभावित निवेश से पहले सतर्कता बरतनी चाहिए।

आखिरकार, इस तरह की घटनाएं हमें यह समझाती हैं कि हमें अपने व्यक्तिगत डेटा और वित्तीय जानकारी को साझा करने में सावधानी बरतनी चाहिए।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध - सुरभि शर्मा