अंकिता भंडारी प्रकरण: 30 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन का मुकदमा दर्ज, एतिहासिक घटनाक्रम

लोकभवन के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप, 10 से 15 अज्ञात कार्यकर्ता भी एफआईआर में शामिल देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में किए गए प्रदर्शन को लेकर देहरादून पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। लोकभवन के मुख्य गेट के सामने बिना अनुमति […]

अंकिता भंडारी प्रकरण: 30 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन का मुकदमा दर्ज, एतिहासिक घटनाक्रम
लोकभवन के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप, 10 से 15 अज्ञात कार्यकर्ता भी एफआईआर में शामिल देह�

अंकिता भंडारी प्रकरण: 30 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन का मुकदमा दर्ज, एतिहासिक घटनाक्रम

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कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी हत्या मामले में आरोपित वीआईपी को राज्यपाल बनाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए 30 कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। देहरादून पुलिस ने मौखिक अनुमति के बिना प्रदर्शन करने के आरोप में यह कार्रवाई की है।

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित रूप से एक वीआईपी के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किए जाने के विरोध में आयोजित किए गए प्रदर्शन के सिलसिले में देहरादून पुलिस ने कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला लोकभवन के मुख्य गेट के समक्ष अनुमति के बिना प्रदर्शन करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, ज्योति रौतेला, गरिमा दोसानी और पूर्व विधायक राजकुमार समेत 30 नेताओं और 10 से 15 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किया गया है।

पुलिस का मानना है कि कार्रवाई भारतीय दंड संहिता की धारा 132 और 223 के तहत की गई है। पुलिस उपनिरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

बिना अनुमति लोकभवन पहुंचने का आरोप

कैंट थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर ने शिकायत में कहा कि कांग्रेस नेताओं ने घंटाघर से जिला प्रशासन तक कैंडल मार्च निकालने की योजना बनाई थी। लेकिन इसके बजाय, वे बिना अनुमति लोकभवन पहुंच गए और वहां प्रदर्शन करने लगे।

पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात में बाधा न डालने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

पुलिस ने बैरियर पार करने का आरोप लगाया

एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया और बैरियर पार कर जबरन आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि इसके कारण सरकारी कार्य में बाधा और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।

पुलिस ने कार्रवाई शुरू की

एसपी सिटी शेखर सुयाल ने पुष्टि की कि कैंट थाना प्रभारी के शिकायत के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सभी आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर से उस मुद्दे को उजागर करती है कि सरकार के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शन किस तरह से राजनीतिक दलों के नेताओं के लिए कानूनी मुसीबतें उत्पन्न कर सकते हैं। इस मामले में कांग्रेस नेताओं ने अपनी आवाज उठाई है, लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि प्रदर्शन का तरीका और कानूनी प्रावधान भी महत्व रखते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है और अब सभी की नजर इस पर है कि पुलिस किस तरह से आगे की कार्रवाई करती है।

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सादर,

Team Dharm Yuddh

स्वेता शर्मा